पंचकुईयां में विराजे है श्री विश्वेश्वर महादेव, जहां होते है दुर्लभ दर्शन
प्राचिन पंचकुईया श्री राम मंदिर परिसर

पंचकुईयां में विराजे है श्री विश्वेश्वर महादेव, जहां होते है दुर्लभ दर्शन
इंदौर । कैलाश मार्ग पर स्थित प्राचिन पंचकुईया श्री राम मंदिर परिसर में विराजे है विश्वेश्रर महादेव। जिनकी स्थापना यहां 100 वर्ष पूर्व की गई थी। यहां पर श्री विश्वेश्रर महादेव का दुर्लभ द्वादश शिवलिंग है। जो कि अदभूत है, यहां के शिवलिंग की यह विशेषता है कि यहां चारों दिशाओं में से जिस दिशा की ओर से भी शिवलिंग के दर्शन करते है तो उसमें पांच शिवलिंग के दर्शन होते है। इसके साथ ही इस शिवलिंग में 52 ओंम और 6 नाग के दर्शन भी इस शिवलंगि में ही होते है। जिसे दुर्लभ दर्शन माना जाता है।
महाशिवरात्रि पर अखण्ड रुद्राभिषेक होगा
यहां के पुजारी दिनेश शर्मा ने बताया कि शिवरात्रि के पावन पर्व पर यहां पर अखण्ड रूद्राभिषेक 31 ब्राह्मणों के द्वारा किया जाएंगा। इसके साथ ही अलसुबह से ही सतत पाठ व अनुष्ठान चलेगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे से विश्वेश्वर महादेव का महाकाल स्वरूप में श्रंगार किया जाएंगा। शाम को 56 भोग लगाया जाएंगा और आरती की जाएंगी। इसके बाद रात्रिकालिन रूद्राभिषेक के बाद श्रंगार और आरती की जाएंगी। रात्रिकालिन दर्शन और जागरण होगा।
बालरूप में विराजित है राम-कृष्ण
विश्वेश्वर महादेव के साथ ही शिव के आराध्य बालस्वरूप में भगवान राम और कृष्ण विराजित है। इसके साथ ही खेड़ापति हनुमान भी विराजित है। यहां पर महाशिवरात्रि पर कई पुजा अनुष्ठान होंगे इसके साथ ही यहां भक्तों की भीड़ उमड़ेगी।



