लोहार पट्टी स्थित खाड़ी के मंदिर पर शोभा यात्रा के साथ आज से 7 दिवसीय भागवत
महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास के सानिध्य में आचार्य पं. राजेश शास्त्री सुनाएँगे संगीतमय कथा-31 को अन्नकूट

लोहार पट्टी स्थित खाड़ी के मंदिर पर शोभा यात्रा के साथ आज से 7 दिवसीय भागवत
महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास के सानिध्य में आचार्य पं. राजेश शास्त्री सुनाएँगे संगीतमय कथा-31 को अन्नकूट
इंदौर। लगभग 350 वर्ष प्राचीन, लोहारपट्टी स्थित श्रीजी कल्याण धाम, खाड़ी के मंदिर पर भगवान श्रीजी, कल्याणजी एवं संकट हरण वीर हनुमानजी को समर्पित संगीतमय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ बुधवार 24 दिसम्बर से होगा। अंग्रेजी वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर को अन्नकूट महोत्सव भी मनाया जाएगा।
हंसदास मठ के पीठाधीश्वर श्री महंत स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में 30 दिसम्बर तक चलने वाले इस संगीतमय ज्ञान यज्ञ में भागवतभूषण आचार्य पं. राजेश शास्त्री व्यास पीठ पर विराजित होकर प्रतिदिन दोपहर 4 से सायं 7 बजे तक भागवत कथामृत की वर्षा करेंगे। भागवत का शुभारंभ खाड़ी के मंदिर से दोपहर 2 बजे शोभा यात्रा के साथ होगा। यात्रा में भजन एवं गरबा मंडलियाँ तथा राधा रानी महिला मंडल की बहनें भी परंपरागत परिधान में शामिल होंगी। मंदिर के पं. अमितदास महाराज ने बताया कि इस अवसर पर भक्तों की सुविधा के लिए कथास्थल पर समुचित प्रबंध किए गए हैं। मंदिर पर बुधवार 31 दिसम्बर को परंपरागत अन्नकूट महोत्सव का आयोजन भी होगा और 19 से 23 जनवरी तक पंच कुंडात्मक लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का दिव्य अनुष्ठान भी विश्व कल्याणार्थ आयोजित होगा। 23 जनवरी को ब्राह्मण बटुकों का सामूहिक जनेऊ संस्कार (यज्ञोपवीत) भी होगा। मंदिर पर लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का यह 10वां वर्ष है जिसमें सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 4 से 6 बजे तक राधारानी महिला मंडल के सहयोग से श्रीमती वर्षा शर्मा एवं सहयोगी श्रीमती उषा सोनी के यजमानत्व में समाज एवं राष्ट्र में सुख, शांति एवं सद्भाव की कामना से आहुतियाँ समर्पित की जाएंगी। 31 दिसम्बर को अन्नकूट महोत्सव वाले दिन सुबह 9 बजे पूर्णाहुति हवन तथा शाम 6.30 बजे 56 भोग श्रृंगार एवं महाआरती के पश्चात शाम 7 बजे से भजन संध्या के साथ महाप्रसादी का क्रम प्रारंभ होगा। भागवत ज्ञान यज्ञ एवं अन्नकूट महोत्सव के आयोजन लोहारपट्टी स्थित श्रीजी कल्याण धाम प्राचीन खाड़ी के मंदिर पर होंगे।



