
नगर में कई जगहों पर भगवान भोलेनाथ की बारात का हुआ भव्य स्वागत
भीकनगांव, सत्याग्रह लाइव:- हिंदू सनातन धर्मावलंबियों ने शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया। नगर के शिवालयों में दिनभर भगवान शिव पार्वती की पूजा-अर्चना ओर दर्शन करनेवाले शिवभक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों में बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। लोगो ने पुरे श्रद्धाभाव से भगवान भोलेनाथ पार्वतीजी का पूजन अर्चन तथा अभिषेक किया। । महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर नगर के सभी मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा तथा रंगोली आदि से सजावट की गई थी। महाशिवरात्रि के इस धार्मिक पावन पर्व पर भगवान पशुपतिनाथ की बारात लेकर पशुपतिनाथ महादेव मंदिर समिति शाम करीब 4 बजे विभिन्न धार्मिक स्थानों से होते हुए गाजे-बाजों, ढोल नगाड़ों के साथ धार्मिक भजनों की धून पर नाचते गाते हुए मां कालका मंदिर शाम करीब 8 बजे पहुंची जहां कालका माता मंदिर समिति ने भगवान भोलेनाथ संग बारातियों का पुष्प वर्षा तथा आतिशबाजी के साथ शीतल-पेय करवाकर स्वागत किया। विधि-विधान से भगवान शिव पार्वती जी का विवाह संपन्न कराया गया। खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण पर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर से बाबा पशुपतिनाथ पालकी में सवार होकर अहिल्याबाई मंदिर, नागेश्वर महादेव मंदिर, मां कालका धाम, बिठल मंदिर पर पहुंचकर सात फेरो के साथ मंगलसूत्र में बंध कर भगवान भोलेनाथ संग मां पार्वती से हजारों बारातियों की उपस्थिति में मंगल विवाह रचाया ।

उज्जैन की तर्ज पर हुआ भगवान शिव संग माता पार्वती का विवाह
नगर में पहली बार उज्जैन के बाबा महाकाल और माता हरसिद्धि के विवाह के तर्ज पर भगवान पशुपतिनाथ के संग माता पार्वती का विवाह कार्यक्रम सनातन परंपरा के अनुसार कराया गया। भगवान शिव की बारात में हनुमान जी की वेशभूषा में श्रंगार किया हुआ बाराती जय श्री राम का जयकारा लगाते हुए बारात में उपस्थित रहा जो बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा।

हनुमानजी की वेशभूषा का बाराती रहा आकर्षण का केंद्र

मोठी माता मंदिर समिति के बाल सदस्यों ने अयोध्या में विराजमान रामलीला के रूप में सजाया भगवान भोलेनाथ को
मोठी माता मंदिर समिति के बाल सदस्य महंत गीते, समर्थ चोलकर, ऋषि गीते, अंकुश नामदेव, आदित्य नामदेव, योजीत केवट, टुक-टुक लाड़, शौर्य केवट, शौर्य अग्रवाल,शुभ पाटिल, शिवम् गंगराड़े कृष्णा केवट ने अयोध्या में विराजमान भगवान राम लला के आकर्षक स्वरूप में भगवान भोलेनाथ को सजाया जो आकर्षक का केंद्र रहा।







