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इंदौर

समुदाय, विज्ञान और जिम्मेदारी के पक्ष में नागरिकों की एकजुट उपस्थिति

अब चुप्पी नहीं, समझदारी ज़रूरी है

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अब चुप्पी नहीं, समझदारी ज़रूरी है

समुदाय, विज्ञान और जिम्मेदारी के पक्ष में नागरिकों की एकजुट उपस्थिति

इंदौर।: इंदौर में 4 जनवरी को नागरिकों की एक शांत, जिम्मेदार और जागरूक एकत्रता आयोजित की जा रही है। यह न तो कोई प्रदर्शन है, न आंदोलन और न ही किसी संगठन विशेष का कार्यक्रम। यह उन सामान्य नागरिकों की सामूहिक उपस्थिति है जो मानते हैं कि सार्वजनिक नीति डर, अफवाह और अप्रमाणित सूचनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि विज्ञान, कानून और मानवीय मूल्यों के आधार पर तय होनी चाहिए।

हाल के समय में सामुदायिक कुत्तों को लेकर फैली गलत सूचनाओं और भ्रामक रिपोर्टिंग के कारण समाज में भय और भ्रम का वातावरण बना है। एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना को बिना तथ्यात्मक पुष्टि के जिस प्रकार प्रस्तुत किया गया, उसी के आधार पर व्यापक और दूरगामी निर्णयों की दिशा तय होने लगी। बाद में आधिकारिक रिकॉर्ड से तथ्य अलग सामने आए, लेकिन तब तक सामाजिक और नीतिगत नुकसान हो चुका था।

जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों और वैज्ञानिकों का स्पष्ट मत है कि सामुदायिक कुत्तों को बड़े पैमाने पर हटाना या शेल्टर में बंद करना न तो रेबीज़ नियंत्रण का समाधान है और न ही यह वैज्ञानिक या व्यावहारिक रूप से प्रभावी है। ऐसे कदम शहरी पारिस्थितिकी को असंतुलित करते हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक जोखिम पैदा करते हैं।

देशभर के 2,00,000 से अधिक जागरूक नागरिकों, विशेषज्ञों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों ने एक खुले पत्र के माध्यम से तथाकथित मेगा-शेल्टर मॉडल पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इस मॉडल को अत्यधिक खर्चीला, अव्यावहारिक और वैज्ञानिक प्रमाणों से रहित बताया गया है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि Animal Birth Control और Anti Rabies Vaccination (ABC-ARV) को आज तक अधिकांश राज्यों में आवश्यक स्तर पर लागू ही नहीं किया गया। ऐसे में इसकी विफलता की बात करना भ्रामक है। समस्या नीति में नहीं, बल्कि उसके सही और ईमानदार क्रियान्वयन की कमी में है।

इंदौर में पलासिया चौराहे पर होने वाली यह नागरिक एकत्रता पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी। इसमें किसी प्रकार की नारेबाजी या टकराव नहीं होगा। नागरिक केवल तथ्यों, सवालों और जिम्मेदारी के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

इसी समय देश के 30 से अधिक शहरों में भी नागरिक इसी भावना के साथ एकत्र हो रहे हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता, जयपुर, अहमदाबाद, पुणे, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम प्रमुख हैं।

नागरिकों की प्रमुख अपेक्षाएं:

* सामुदायिक कुत्तों को बड़े पैमाने पर हटाने व बंद करने से जुड़े निर्देशों पर तत्काल रोक

* किसी भी बड़े निर्णय से पहले पशु चिकित्सकों, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, महामारी विशेषज्ञों और पर्यावरण वैज्ञानिकों की सार्थक सुनवाई

* कानून के अनुसार ABC-ARV के समुचित, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन पर पुनः फोकस

आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के विरुद्ध नहीं, बल्कि वैज्ञानिक, जिम्मेदार और मानवीय तरीकों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के पक्ष में एक नागरिक अपील है।

कार्यक्रम विवरण :स्थान: पलासिया चौराहा, इंदौर

समय: सुबह 10 बजे,  दिनांक: 4 जनवरी 2026

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