
इंदौर से शिर्डी की 13 दिवसीय पदयात्रा पर प्रस्थित हुए साईं
भक्त रास्ते में गर्म कपड़ों का वितरण करते हुए पहुंचेंगे
बड़ा गणपति मंदिर पर पूजा अर्चना के बाद दी गई बिदाई
– साईं भक्त स्व. सुश्री विनिता पाठक को समर्पित रहेगी यात्रा
इंदौर। केन्द्रीय सांई सेवा समिति से जुड़े साईं भक्तों का एक बड़ा काफिला मंगलवार को 13 दिवसीय पदयात्रा करते हुए बड़ा गणपति मंदिर पर पूजा, अर्चना एवं दर्शन के पश्चात शिर्डी के लिए प्रस्थित हुआ। केन्द्रीय साईं सेवा समिति के संस्थापक हरि अग्रवाल एवं समाजसेवी अशोक गोयल ने साईं भक्तों का स्वागत कर उन्हें शिर्डी यात्रा के लिए भावपूर्ण बिदाई दी। यात्रा के पूर्व सभी साईं भक्तों ने अभिभाषक एवं साईं भक्त सुश्री विनिता पाठक को श्रद्धांजलि समर्पित की। साईं भक्त इस यात्रा में कड़ाके की शीत लहर को देखते हुए मार्ग में जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़ों का वितरण भी करेंगे। पदयात्रा का यह 19वां वर्ष है।
समिति के अध्यक्ष गौतम पाठक, छत्रीबाग जन सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश मोटवानी एवं शेखर ठाकुर ने बताया कि इस 13 दिवसीय पदयात्रा का समापन शिर्डी में 4 जनवरी को सुबह साईं बाबा के दर्शन एवं पूजन के साथ होगा। मार्ग में आने वाले सभी प्रमुख शहरों एवं कस्बों में साईं भक्तों का आत्मीय स्वागत भी किया जाएगा। यात्रा संयोजक प्रदीप यादव एवं समीर जोशी के साथ मुख्य रूप से सुनील वालेकर, वासुदेव चावड़ा, ज्ञानेश्वर होलकर, संतोष भुसारी, राज शाहू, संजय कड़े, ऋतिक गौड़, रवि वरकंडे, हरीश बोमले, जीतू शर्मा, अनंत सोनवने, सुरेन्द्र तोमर, निक्की चौधरी, लक्की वर्मा, भुरु यादव, नीरज यादव, मनोज तारे, पिंटू यादव, रोहित यादव, प्रतीक अमेरिया, मोहन पहलवान, दाने पहलवान, पूरब कपूर सहित अनेक साईं भक्त पूरे मार्ग में साईं भक्तों के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं संभालेंगे।
यात्रा इंदौर से प्रारंभ होकर महू, मानपुर, गुजरी, ठीकरी, धामनोद, जुलवानिया, सेंधवा, बिजासन घाट, सिरपुर, धुलिया, मालेगांव, मनमाड़ एवं कोपर गाँव होते हुए 3 जनवरी को शिर्डी पहुंचकर अगले दिन सुबह साईं बाबा के दरबार में पूजन, अर्चन करेंगे। इस दौरान यात्रा मार्ग पर जगह-जगह सेवाकार्य भी किए जाएँगे और इंदौर से अपने साथ लेकर चल रहे गरम कपड़ों का वितरण भी किया जाएगा। यात्रा प्रारंभ करने के पूर्व सभी साईं भक्तों ने अभिभाषक एवं साईं भक्त सुश्री विनिता पाठक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस समूची यात्रा को उनके नाम समर्पित करने का संकल्प व्यक्त किया।



