
*पूर्वोत्तर के तवांग मठ, परशुराम कुंड और गोल्डन पेगोड़ा की प्रतिकृति बने मंच पर सजेगा आक्टेव*
*25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक इंदौर में रहेगी पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की संस्कृती की धमक*
*शिल्प मेला 31 दिसंबर तक रहेगा*
इंदौर । पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश में कई प्रसिद्ध मंदिर और मठ है जिनमें प्रमुख मठ है तवांग मठ जो बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र है । एक कुंड मकर संक्रांति के दिन जहां हजारों श्रद्धालु स्नान करने आते हैं जो भगवान परशुराम से जुड़ा हुआ है परशुराम कुंड एवं गोल्डन पगौड़ा यह खूबसूरत बौद्ध मंदिर है के दर्शन भी इस मंच पर होंगे ।100*80 की लंबाई चौड़ाई लिए हुआ लगभग 60 फीट ऊंचा इस मंच पर खूबसूरत पगोड़े बने हुए हैं साथ ही झंडों के साथ मंदिर की प्रतिकृतियां भी दिखती है तिब्बती स्तूप भी यहां पर दृष्टिगोचर हो रहे हैं इसी मंच पर आठ राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां 25 दिसंबर से शाम 7:00 बजे से प्रारंभ होगी
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं लोक संस्कृति मंच के संयुक्त तत्वाधान मैं आयोजित इस सांस्कृतिक उत्सव का आरंभ 25 दिसंबर को सायंकाल 7:00 बजे लालबाग परिसर पर होगा जिसमें मणिपुर मिजोरम मेघालय सिक्किम अरुणाचल प्रदेश सहित आठ राज्यों के कलाकार अपनी अपनी प्रस्तुतियां अपनी अपनी संस्कृति को दर्शाते हुए देंगे।
श्रीमती आस्था गोडबोले कार्लेकर एवं लोक संस्कृति मंच के संयोजक एवं सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि यह आयोजन इंदौर में प्रथम बार हो रहा है उत्तर पूर्व के आठ राज्यों की संस्कृति को समृद्ध करने एवं प्रसारित करने के उद्देश्य से भारत भर में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है इस दौरान उत्तर पूर्व के 250 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां यहां लालबाग पर देंगे संपूर्ण भारत से 300 से अधिक शिल्पकार अपना शिल्प लेकर यहां पर आए हैं जिनको खरीदने का मौका यहां पर आ रहे कला प्रेमी दर्शकों को 22 दिसंबर से लगातार मिल रहा है। वही मालवी व्यंजनों का स्वाद एवं देश भर के विभिन्न व्यंजन का भरपूर आनंद यहां लिया जा सकता है साथ में मनोरंजन जोन में झूले भी लगाए गए हैं।



