
नर्मदा साहित्य मंथन 2026 भारत उदय: वैचारिक और साहित्यिक समागम
। विश्व संवाद केन्द्र मालवा के वार्षिक साहित्योत्सव ‘नर्मदा साहित्य मंथन’ के पंचम सोपान “पंचम् सोपान” का आयोजन 30 जनवरी से 01 फरवरी 2026 तक इन्दौर में होने जा रहा है। इस साहित्योत्सव का उद्देश्य समाज जीवन के विविध पक्षों पर विचार-मंथन कर समाज को वैचारिक रूप से जागरूक करना है। इस साहित्योत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक और सामाजिक जागरण के साथ ही, उदीयमान भारत के विभिन्न पक्षों पर विचार-मंथन और भविष्य के भारत को गढ़ने में हमारी भूमिका से संबंधित विषयों पर प्रबोधन सत्रों का आयोजन होगा।
पिछले सौ वर्षों में भारत के उदीयमान होते स्वरूप की अनुभूति और दुनिया की नैतिक नेतृत्व करने में सक्षम भारत के निर्माण का संकलप इस नर्मदा साहित्य मंथन की प्रेरणा है।
इस सोपान में ‘अहिल्या पर्व’ के रूप में मालवा की ऐतिहासिक धरोहरों, भारतीय ज्ञान परम्परा एवं संस्कृति को केन्द्र में रखकर विशेष चर्चा की जाएगी। यह साहित्यिक उत्सव साहित्य प्रेमियों के लिए ही नहीं, अपितु समाज के हर वर्ग के लिए एक प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद अवसर होगा।
उद्घाटन सत्र में केरल के महामहिम राज्यपाल राजेन्द्र आर्लेकर ‘भारत उदय का आधार : स्वबोध’ विषय पर व्याख्यान देंगे। प्रथम दिवस के अगले सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ पूर्णेन्दू सक्सेना का ‘भविष्य का भारत और हम’ विषय पर संवाद करेंगे। दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय सचिव अभय महाजन ‘गाँव से भारत उदय’ विषय पर चर्चा करेंगे। इसी दिन वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिमान मिश्र ‘शब्दों में ही सब कुछ है’ विषय पर तथा इंफिनिटी फाउंडेशन के अनुराग शर्मा ‘युवा भारत के सपने’ विषय पर संवाद करेंगे। सायंकालीन सत्र में आचार्य मिथिलेश शरण नंदिनी का ‘भारत उदय का श्रीगणेश : अयोध्या’ विषय पर प्रवचन सत्र होगा। इसी दिन ‘संघ और मीडिया नैरेटिव’ विषय पर आजतक के पत्रकार विष्णु शर्मा संवाद करेंगे।
साहित्य मंथन के दूसरे दिन प्रथम सत्र में ‘नर्मदा, तुम बहती रहो’ विषय पर मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरू राकेश सिंघई और ओम द्विवेदी से साहित्यकार अशोक जमनानी संवाद करेंगे। इसी दिन ‘दृष्टि ही दृष्टांत : गाजा से कश्मीर’ विषय पर अनुपम मिश्र से तथा श्रीमती स्वाति गोयल शर्मा से ‘भारत का सिनेमा, सिनेमा में भारत’ संवाद होगा। जियोपोलिटिकल विश्लेषक आदि अचिंत ‘विश्व पटल पर भारत’ विषय पर तथा मूर्धन्य साहित्यकार डॉ श्रीमती सुमन चौरे ‘संस्कृति के संवाहक : लोकगीत’ पर चर्चा करेंगी।
दूसरे दिन सायंकालीन सत्र में लोकसंस्कृतिकर्मी श्रीमती मालिनी अवस्थी ‘भारतीय साहित्य में परिवार परंपरा’ विषय पर संवाद करेंगी।
कार्यक्रम के तृतीय दिवस प्रथम सत्र में ‘भारत की आंतरिक चुनौतियाँ और समाधान’ विषय पर जम्मु-कश्मीर के पूरे डीजीपी शेषपाल वेद एवं केरल के पूर्व डीजीपी जैकब थामस की समूह परिचर्चा होगी। इसी दिन सामाजिक कार्यकर्ता सतीश पांडा ‘आमू आखा हिन्दू थे’ विषय पर तथा लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीमती कमलप्रीत सग्गी ‘उदीयमान भारत में महिला नेतृत्व’ संवाद करेंगी। ‘ब्रेकिंग इंडिया : स्वीकार नहीं’ विषय पर श्री बजरंगलाजी बांगडा का संवाद सत्र रहेगा। समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी का ‘मंथन से प्रबोधन’ विषय पर व्याख्यान होगा। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता और जनसंवाद अध्ययनशाला तथा मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग और सहभागिता से हो रहे इस साहित्यमंथन में प्रथम दिवस रात्रि में ‘शिव-स्तुति’ नृत्यनाटिका का मंचन तथा द्वितीय दिवस कवि-सम्मेलन का आयोजन होगा । साहित्यमंथन में पुस्तक मेले का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। भारत-उदय पर आधारित प्रदर्शनी और पुस्तक मेले का उद्घाटन प्रथम दिवस 30 जनवरी को प्रातः 9:00 बजे होगा। साहित्य मंथन के विभिन्न सत्रों में पुस्तक विमोचन एवं अभिव्यक्ति मंच पर मालवा-निमाड़ के कलाकारों की प्रतिभा-प्रस्तुति भी होंगी।



