
*नारी शक्ति अवार्ड 2026 : महिला होना सौभाग्य है, कमजोरी नहीं—यह हमारी ताकत है*
*जिन्होंने बढ़ाया इंदौर का मान:: अभ्यास मंडल ने महिला दिवस पर उनका किया सम्मान*
इंदौर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अभ्यास मंडल ने “नारी शक्ति अवार्ड 2026” सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक कार्य, पत्रकारिता, उद्यमिता और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अभ्यास मंडल की ओर से स्वागत उद्बोधन देते हुए डॉ. माला सिंह ठाकुर ने संस्था का परिचय देते हुए बताया कि अभ्यास मंडल इंदौर पिछले कई वर्षों से साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं को मां अहिल्या की नगरी में सम्मानित कर उनके योगदान को समाज के सामने लाना तथा नई पीढ़ी को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रीति अग्रवाल पोस्टमास्टर जनरल इंदौर क्षेत्र थी कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती प्रीति अग्रवाल (पोस्ट मास्टर जनरल, इंदौर रीजन) ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि महिलाओं का योगदान ऐसा है कि हर दिन उनके सम्मान और महत्व का दिन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना परिवार का एक दिन भी सुचारु रूप से नहीं चल सकता। आज के समय में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है जहाँ महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता का परचम लहराया हो। समाज, शिक्षा, प्रशासन, पत्रकारिता, उद्यमिता, खेल और विज्ञान जैसे हर क्षेत्र में महिलाएँ अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं। उन्होंने अभ्यास मंडल द्वारा महिलाओं के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और समानता के भाव को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर डॉ. अनामिका जैन (प्राचार्य, होलकर कॉलेज – उच्च शिक्षा), श्रीमती माधुरी मोयदे (सामाजिक कार्यकर्ता), सुश्री प्रियंका पांडे (रेड इंडिया 24 – पत्रकारिता), श्रीमती कल्पना रमन (उद्यमिता) और सुश्री फाएजा अली विद्या सागर कॉलेज (अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी) को “नारी शक्ति अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाली सभी महिलाओं ने अपने उद्धबोधन में एक स्वर से कहा कि महिला होना सौभाग्य है, यह किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं बल्कि हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यदि नारी को स्वयं पर विश्वास हो तो समाज के हर क्षेत्र में वह अपनी क्षमता का परिचय देते हुए आगे बढ़ सकती है और हर चुनौती को पार कर सकती है।
सभी सम्मानित महिलाओं ने इस प्रेरणादायी सम्मान के लिए अभ्यास मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का वातावरण निर्मित करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ ग्रीष्मा त्रिवेदी ने किया, जबकि अंत में डॉ. मनीषा गौर ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, सम्मानित महिलाओं और उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में शहर के साहित्यकार, पत्रकार, शिक्षाविद और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



