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इंदौर

मुनिश्री 108 आदित्य सागर जी महाराज के सानिध्य में ‘मंत्राक्ष ध्यान शिविर’ का आयोजन 27 से

मंत्राक्ष ध्यान शिविर

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मुनिश्री 108 आदित्य सागर जी महाराज के सानिध्य में ‘मंत्राक्ष ध्यान शिविर’ का आयोजन 27 से

इंदौर।आधुनिक जीवन की भाग-दौड़ और मानसिक तनाव के बीच स्वयं को पुनः खोजने और आत्मिक शांति प्राप्त करने के उद्देश्य से इंदौर के एयरपोर्ट रोड स्थित नरसिंह वाटिका में एक विशेष ‘मंत्राक्ष ध्यान शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है। परम पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित होने वाला यह त्रि-दिवसीय शिविर 27 मार्च से 28 और 29 मार्च 2026 तक होगा। प्रतिदिन प्रातः 5:15 से 7:30 बजे तक चलने वाला यह कार्यक्रम मंत्र और अक्षरों के मिलन के माध्यम से आत्म-साधना की एक गहन यात्रा है। यह शिविर हर उम्र और हर वर्ग के जिज्ञासुओं के लिए भक्ति और आत्म-बोध का एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

 

इस शिविर के दौरान विशेष रूप से मंत्र साधना एवं ध्यान के सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहाँ सुबह और शाम साधक सामूहिक साधना और मंगलाचरण में सहभागी बनेंगे। मुनि श्री के नीति प्रवचनों के साथ-साथ ‘श्रुत-समाधान’ के अंतर्गत जीवन के जटिल से जटिल प्रश्नों का अत्यंत सरल और तार्किक समाधान भी प्रस्तुत किया जाएगा। युवाओं के लिए इस शिविर में विशेष सत्र रखे गए हैं, जो आधुनिक जीवन की चुनौतियों, करियर के दबाव, टूटते रिश्तों और समग्र आत्म – विकास पर केंद्रित होंगे। मुनि श्री के सानिध्य में यह तीन दिन की आध्यात्मिक यात्रा इंदौरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय और जीवन-परिवर्तक अनुभव सिद्ध होगी।

 

 

गौरतलब है कि आज के समय में मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं में इतना खो गया है कि वह अपने वास्तविक ‘स्व’ से दूर होता जा रहा है। मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज का यह सानिध्य उन्हें उस आंतरिक सत्य से साक्षात्कार कराने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा। बता दें, मुनि श्री का जीवन स्वयं में एक महान संदेश है; शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने MBA किया और मात्र 25 वर्ष की युवावस्था में संसार के समस्त सुखों को त्यागकर दीक्षा ग्रहण करना यह सिद्ध करता है कि जो बाहर दिखता है वह सच नहीं, बल्कि जो हमारे भीतर है वही शाश्वत सत्य है। इतना ही नहीं मुनिश्री की अब तक की लिखी 265 में से 05 किताबें आधुनिक ज़माने के मैनेजमेंट पर हैं। उनके नीति प्रवचन आज के युवाओं, गृहस्थों और साधकों को समान रूप से जीवन में संतुलन और शांति बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं।

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