
इंदौर सेंट्रल जेल का निरीक्षण का जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने किया
इंदौर सेंट्रल जेल का निरीक्षण
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने जेल व्यवस्थाओं की सराहना

इंदौर। इंदौर सेंट्रल जेल का निरीक्षण: जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने व्यवस्थाओं की सराहना की, जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने केंद्रीय जेल इंदौर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में जस्टिस शुक्ला ने जेल स्थित फांसी घर का भी अवलोकन किया। बताया कि इंदौर सेंट्रल जेल में वर्ष 1996 में एक कैदी को फांसी दी गई थी, जिसके बाद से अब तक किसी भी कैदी को यहां फांसी नहीं दी गई है। न्यायमूर्ति ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और संरचनात्मक स्थिति की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त उन्होंने जेल के भीतर संचालित बर्तन निर्माण कारखाने और दरी बुनाई कारखाने का भी निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि किस प्रकार कैदी प्रशिक्षण के माध्यम से बर्तन और दरियां तैयार करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य कैदियों को कौशल विकास से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि रिहाई के बाद वे समाज में सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें। जस्टिस शुक्ला ने जेल परिसर में नव निर्मित वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष सहित अन्य कक्षों का शुभारंभ भी किया। वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा से अब बंदियों की पेशी और न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी। इस अवसर पर उन्होंने कैदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए कहा कि सुधारात्मक गतिविधियां और कौशल विकास कार्यक्रम सराहनीय हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदियों के पुनर्वास और सुविधाओं में निरंतर सुधार की दिशा में प्रयास जारी रखें।



