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इंदौर

जेईई मेन के टॉपर्स का नारायणा इंस्टीट्यूट इंदौर में हुआ सम्मान

छह से ज़्यादा विद्यार्थियों ने हासिल किए 99 पर्सेंटाइल 

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जेईई मेन के टॉपर्स का नारायणा इंस्टीट्यूट इंदौर में हुआ सम्मान, छह से ज़्यादा विद्यार्थियों ने हासिल किए 99 पर्सेंटाइल

इंदौर ।: जेईई मेन 2026 के पहले प्रयास के नतीजों ने इंदौर को एक बार फिर राष्ट्रीय शिक्षा मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दिलाई है। शहर के विद्यार्थियों ने न सिर्फ उच्च पर्सेंटाइल हासिल किए, बल्कि प्रतिस्पर्धा के इस कठिन दौर में अनुशासन और निरंतर अभ्यास की मिसाल भी पेश की। इसी उपलब्धि को रेखांकित करने के लिए नारायणा कोचिंग सेंटर, इंदौर में टॉपर विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।

 

कार्यक्रम में देशभर की उपलब्धियों का भी उल्लेख हुआ। संस्थान के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया स्तर पर 5 राज्यों में स्टेट टॉपर बनकर 100 पर्सेंटाइल तक का प्रदर्शन किया। हालांकि मंच पर सबसे ज्यादा चर्चा इंदौर सेंटर के परिणामों की रही, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक हासिल किए। इंदौर सेंटर से संकल्प पाटीदार 99.88 पर्सेंटाइल के साथ अव्वल रहे। उनके अलावा लक्ष्य राजदेव (99.61), सक्षम द्विवेदी (99.35), निशित सिसोदिया (99.31), महिमा तोमर (99.21) और अतिशी अरोरा (99.14) ने भी 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक अर्जित किए। वहीं आरुष सारोगी (98.26) और हितेंद्र सिंह पंवार (98.06) ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सम्मान समारोह में इन सभी विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, वहीं अभिभावकों का भी अभिनंदन किया गया।

नारायणा इंदौर ब्रांच के डायरेक्टर्स मयूर लाहोटी और अक्षय मालवीय ने संयुक्त रूप से कहा कि इस बार इंदौर सेंटर से 6 से अधिक विद्यार्थियों ने 99 पर्सेंटाइल से ऊपर का स्कोर हासिल किया है, जो शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक लेकिन सकारात्मक माहौल दिया जाता है, जहां नियमित टेस्ट, विश्लेषण और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के जरिए उनकी कमजोरियों पर काम किया जाता है। उनका कहना था कि यहां ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया है, जिसमें विद्यार्थी दबाव के बजाय लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता केवल कक्षा शिक्षण का परिणाम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और अनुशासित तैयारी का संयुक्त परिणाम है।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने सफल विद्यार्थियों को आगामी जेईई एडवांस की तैयारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें अगले प्रयास में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। साथ ही जो विद्यार्थी वर्तमान में 12वीं कक्षा में हैं और अगले वर्ष परीक्षा देंगे, उन्हें अभी से लक्ष्य तय कर अनुशासित तैयारी शुरू करने का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि निरंतर अभ्यास, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी है।

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