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इंदौर

सिद्ध पीठ वीर बगीची में हनुमान जयंती महोत्सव के भव्य आगाज़

भजन-कीर्तन और सामूहिक हनुमान चालीसा में उमड़ा आस्था का सैलाब; 1 अप्रैल को निकलेगी भव्य ऐतिहासिक प्रभात फेरी

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सिद्ध पीठ वीर बगीची में हनुमान जयंती महोत्सव के भव्य आगाज़

वैदिक मंत्रोच्चार और ध्वज पूजन के साथ हनुमत महोत्सव का शंखनाद: 71 द्रव्यों से आज होगा अलीजा सरकार का महाअभिषेक

भजन-कीर्तन और सामूहिक हनुमान चालीसा में उमड़ा आस्था का सैलाब; 1 अप्रैल को निकलेगी भव्य ऐतिहासिक प्रभात फेरीWhatsApp Image 2026 03 29 at 18.45.22 2

इंदौर |शहर के पश्चिम क्षेत्र कैलाश मार्ग स्थित प्राचीन और सिद्ध स्थान वीर बगीची में हनुमान जयंती महोत्सव का शुभारंभ रविवार को बेहद आध्यात्मिक माहौल में हुआ। पंचकुइयां-कैलाश मार्ग स्थित इस मंदिर में गादीपति पवनानन्द महाराज के सानिध्य में पांच दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन से की गई। महोत्सव के पहले ही दिन मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास के अनूठे रंग में रंगा नजर आया, जहां सैकड़ों भक्तों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया।

आज 71 दिव्य द्रव्यों से होगा अभिषेक
महोत्सव के दूसरे दिन यानी सोमवार को अलीजा सरकार का विशेष महाअभिषेक किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, बाबा को 71 प्रकार के अलग-अलग दिव्य द्रव्यों से स्नान कराया जाएगा। इस अभिषेक के पश्चात वीर अलीजा सरकार का अलौकिक श्रृंगार होगा, जिसके दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

31 को दीपदान और 1 अप्रैल को निकलेगी प्रभात फेरी
हनुमत उत्सव के तहत आयोजनों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा:

दीपदान (31 मार्च ): बाबा के दरबार में भव्य दीपदान महोत्सव होगा, जिसमें श्रद्धालु अपने घरों से दीपक लेकर पहुँचेंगे और पूरा परिसर रोशनी से सराबोर होगा।

ऐतिहासिक प्रभात फेरी (1 अप्रैल): महोत्सव का मुख्य आकर्षण सोमवार सुबह 5 बजे निकलने वाली प्रभात फेरी होगी। उड़ीसा और इंदौर के कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए जा रहे रथ पर बाबा के दिव्य चांदी के विग्रह को विराजित किया जाएगा। यह यात्रा कैलाश मार्ग से शुरू होकर बड़ा गणपति, खजूरी बाजार, राजवाड़ा होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचेगी।

हनुमान जयंती (2 अप्रैल): गुरुवार को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर बाबा का स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा। महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ इस पांच दिवसीय महोत्सव का समापन होगा।

रविवार सुबह महोत्सव के शुभारंभ अवसर की जानकारी देते हुएगादीपति पवनानन्द महाराज ने बताया कि ध्वज पूजन के दौरान बाबा को तेल-सिंदूर का चोला चढ़ाकर विशेष श्रृंगार किया गया था, जिसे देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से मंदिर प्रशासन ने अलग-अलग खंडों में दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की है।

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