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पंच से लगाकर प्रधान तक भाजपा के फिर हिन्दू समाज पूजा के लिए विवश, हिंदुओं की आस्था का केंद्र हे भोजशाला।

दुल्हन की तरह सजा शहर, चप्पे चप्पे पर पुलिस की नजर, बसंत पंचमी पर अखंड पूजा के लिए वाहन रैली।

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आशीष यादव धार।

हिंदुओं की आस्था का केंद्र एतिहासिक भोजशाला पर बसंत पंचमी की पूजा को लेकर तैयारियां जोरों से चल रही है। वहीं बसंत पंचमी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यहां दो सप्ताह पहले से को कड़ी सुरक्षा के बीच भोजशाला में मंगलवार की पूजा के साथ जुम्मे की नमाज के लिए शहर को छावनी बना दिया गया है वहीं पूरी भोजशाला परिसर में एंटी-सैबोटेज टीम द्वारा जांच की गई। इधर हिंदू समाज द्वारा पूरे शहर को भगवामय कर दिया है। बसंत पंचमी को लेकर जोरों पर तैयारी की जा रही है । पुलिस ने भी अपने सुरक्षा इंतजाम बड़ा दिए है। 70 फिक्स पॉइंट पर जवानों की तैनाती कर दी है। एक तरफ जहां हर्ष का माहौल है तो दूसरी तरफ प्रशासन के लिए चुनौती भी है। क्योंकि बसंत पंचमी पर हिंदू समाज की अखंड पूजन की मांग है, तो वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज नमाज अदा करना चाहता है। इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी शुक्रवार को आ रही है। इसमें पुलिस-प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए गए है। पूरे शहर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। वहीं बाइक टीम, मोबाइल टीम भी नजर बनाए हुए है। बसंत पंचमी पर किसी तरह की अशांति न फैले इसको पुलिस बल तैनात किया जाएगा। प्रशासन द्वारा समाजजन के साथ बैठकों का दौर जारी है। इसमें लोगों को बसंत पंचमी को लेकर समझाइश दी जा रही है। भोजशाला में 23 जनवरी को वसंत पंचमी और शुक्रवार एक साथ आने से पूजा और नमाज को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। दो सप्ताह पहले ही शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रमुख चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों और भोजशाला परिसर में भारी पुलिस तैनात सुरक्षा अवस्थी के निर्देश पर एंटी सैबोटेज (विस्फोटक निरोधक जांच दस्ता) टीम ने भोजशाला परिसर के अंदर और बाहर सघन जांच अभियान चलाया गया हे। बीडीएस टीम खरगोन द्वारा पूरे परिसर की सूक्ष्मता और व्यवस्थित तरीके से तलाशी ली गई। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं मिली। शुक्रवार को वसंत पंचमी तिथि होने के चलते भोजशाला से जुड़े आयोजन को लेकर करीब 10 साल बाद इतनी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट किया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर फिक्स प्वाइंट पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है. वहीं गली-मोहल्लों में पड़े ईंट-पत्थर भी हटवाए जा रहे हैं. ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

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36 जिलों का पुलिस बल:
जैसे-जैसे बसंत पंचमी नजदीक आ रही है ऐसे ही प्रशासन तैयारी भी तेज हो रही है। शहर को 6 सेक्टरों में बाटा गया है। और दो सप्ताह पहले ही पुलिस बल तैनात है, जबकि आगामी दिनों में करीब 8 हजार का अतिरिक्त बल पहुंचने के बाद पूरा शहर छावनी में तब्दील हो जाएगा। वही प्रदेश के 36 जिलों से बसंत पंचमी को लेकर पुलिस बल तैनात रहेगा जिसमें बटालियन व सीआरपीएफ़ का पुलिस बल के साथ 36 जिलों के 68 टीआई व 90 एसपी व डीएसपी रैंक के अधिकारी रहेंगे साथी 20 से अधिक आईपीएस भोजशाला में मोर्चा संभालेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शहर में अश्वारोही पुलिस के साथ बाइक टीम मकान की छतों से निगरानी रखी जाएगी वहीं शहर में भारी लोगों को प्रवेश के लिए सात नाका पॉइंट लगाए गए हैं। जो शहर की सुरक्षा करेंगे। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। भोजशाला के आसपास के मार्गों पर बेरिकेड्स लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोका जा रहा है।

भाजपा के बड़े नेताओं ने बनाई:
जहा एक और चुनाव के वक्त बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं को भोजशाला याद आती है तो दूसरी ओर वसंत पंचमी के पर्व आते-आते भाजपा के बड़े-बड़े नेता भोजशाला को भूलकर दूरियां बनाने लग जाते हिंदू समाज के वोटो से जीतने वाले नेताओं को आगे आकर बसंत पंचमी पर अखंड पूजा के पक्ष में अपने सीएम व पीएम से चर्चा करनी चाहिए और पूजा के पक्ष ने आदेश करवाना चाहिए। वहीं इस समय पंच से लगाकर प्रधान तक भाजपा का है उसके बाद भी हिन्दू समाज अखंड पूजा के लिए विवश हैं। इसको लेकर जल्द ही सरकार तक बात पहुंचाकर बसंत पंचमी पर अखंड पजा करवानी चाहिए।

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वसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक निर्विघ्न पूजा की मांग,:
धार केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन भोजशाला में शुक्रवार 23 जनवरी को वसंत पंचमी के अवसर पर एक दिन के लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा की अनुमति देने की मांग को लेकर धार में गतिविधियां तेज हो गई है। हर रोज हिंदू समाज के लोग अखंड पूजा के लिए ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे रहे हे।ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय एवं पुरातत्व महानिदेशक के नाम संबोधित से दिए जा रहे है। इनमें 2003 के आदेश का हवाला देते हुए वसंत पंचमी पर निर्विघ्न पूजा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। वसंत पंचमी को लेकर जन जागरण अभियान भी तेज किया जा रहा है।

दुल्हन की तरह सजा कर:
केसरिया पताकाओं से सजा शहर जहां एक ओर पुलिस प्रशासन सुरक्षा तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर वसंत पंचमी को लेकर शहर का उत्सवधर्मी स्वरूप भी नजर आने लगा है। विशेषकर वसंत पंचमी शोभायात्रा मार्ग पर केसरिया पताकाएं लहराने लगी हैं, जिनकी संख्या आगामी दिनों में और बढ़ सकती है। इधर 23 जनवरी नगर गौरव दिवस को लेकर नगर पालिका द्वारा भवनों और चौराहों पर रोशनी की प्लानिंग की जा रही है। ऐसे में धार में एक ओर पुलिस छावनी, तो दूसरी ओर उत्सव का उल्लास दोनों दृश्य एक साथ दिखाई दे रहे हैं। घोड़ा चौपाटी से त्रिमूर्ति चौराहे शहर भर की गुमटियों को हटा दिया गया है।

बैठक में हिंदू समाज का कहना था मां वाग्देवी की मूर्ति को लंदन से लाकर भोजशाला में स्थापित किया जाए। इसके लिए समाज हर आंदोलन के लिए तैयार है। समिति के गोपाल शर्मा ने कहा कि भोजशाला में किए गए सर्वे में 1800 से अधिक खंडित अवशेष तथा लगभग 170 अखंड प्रतिमाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूप, मां वाग्देवी के शिखर व कलश, सात फन वाले वासुकी नाग प्रतिमा तथा ब्रह्मा, विष्णु, महेश के विग्रह शामिल हैं। इन सभी विग्रहों की जानकारी सर्वे रिपोर्ट के माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत की गई है। वर्षों के संघर्ष और लाखों हिंदू जनों के बलिदान के पश्चात हिंदू समाज के सहयोग से भोजशाला का सर्वे कार्य पूर्ण हुआ है। निश्चित रूप से। से हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार प्राप्त होने पर भोजशाला में मां वाग्देवी की मूर्ति पुनः विराजित होगी।

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