
पहले अपना ध्यान रखें, फिर परिवार, फिर समाज और फिर राष्ट्र – चेतन भगत
संस्था सेवा सुरभि की मेजबानी में झंडा ऊँचा रहे हमारा अभियान का शुभारंभ – बास्केटबाल काम्प्लेक्स में 20 कॉलेजों के छात्र-छात्राओं से संवाद
इंदौर । देश के प्रख्यात लेखक, चिन्तक और विचारक चेतन भगत ने कहा है कि हमारे बचपन में मोबाइल फ़ोन नाम की बीमारी नहीं थी और शारीरिक गतिविधियाँ बहुत ज्यादा होती थी। अब ये सब मुश्किल है। हम फ़ोन पर घंटों बतिया सकते हैं। सिगरेट के पैकेट पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने की चेतावनी लिखी होती है लेकिन मोबाइल फ़ोन पर नहीं। यह मोबाइल की बीमारी हमारा बहुत सा समय खराब कर रही है। राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे जरुरी काम है शिक्षित होना। जीवन में आगे बढ़ने का एक ही तरीका है – एजुकेशन। राष्ट्र निर्माण से पहले हम अपना निर्माण करें और जीवन में कुछ बनकर दिखाएँ। पहले अपना ध्यान रखें, फिर परिवार, फिर समाज और फिर देश का ध्यान रखें।
चेतन भगत गुरुवार दोपहर को संस्था सेवा सुरभि द्वारा जिला प्रशासन, इंदौर पुलिस, नगर पालिक निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण की सहभागिता में प्रवर्तित “झंडा ऊँचा रहे हमारा“ अभियान के शुभारंभ प्रसंग पर रेसकोर्स रोड स्थित बास्केटबाल काम्प्लेक्स पर “जनरेशन भारत-बिल्डिंग न्यू इंडिया” विषय पर “मैं देश के लिए क्या कर सकता हूँ” जैसे ज्वलंत मुद्दे पर शहर के 20 इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट कॉलेजों के छात्र-छात्राओं से रू-बरू होते हुए उक्त बातें कही। सांसद शंकर लालवानी, वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल, गीता रामेश्वर ट्रस्ट की ओर से पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल, समाजसेवी टीकमचंद गर्ग, हितेश बिंदल, पद्मश्री जनक पलटा के साथ चेतन भगत ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम और अभियान का शुभारंभ किया। प्रारंभ में संस्था सेवा सुरभि की ओर से संयोजक ओमप्रकाश नरेडा, वीरेन्द्र गोयल, मोहित शेठ, अरविन्द जायसवाल, निकेतन सेठी, दीपक जैन टीनू, नारायण अग्रवाल, अतुल शेठ, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से नवीन खंडेलवाल आदि ने मुख्य वक्ता एवं अतिथियों का स्वागत किया। विषय प्रवर्तन और संचालन किया रंगकर्मी संजय पटेल ने। उन्होंने संस्था सेवा सुरभि के बारे में भी पिछले 24 वर्षों से चलाए जा रहे इस अभियान के बारे में भी जानकारियां दी।
चेतन भगत ने अपने उद्बोधन में संस्था सेवा सुरभि के प्रकल्पों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हालाँकि यह बहुत कम सदस्यों वाली संस्था है लेकिन पिछले दो दशकों से यह संस्था बड़े-बड़े इवेंट करती आ रही है जिसके लिए संस्था के सभी सदस्य प्रशंसा के हक़दार हैं। संस्था सेवा सुरभि के साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन और गीता रामेश्वर ट्रस्ट की सहभागिता में आयोजित इस व्याख्यान में चेतन भगत ने अपने उद्बोधन की शुरुआत नए वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बच्चा जब पैदा होता है तो वह किसी दूसरे का ध्यान नहीं रखना बल्कि दूसरों को उसका ध्यान रखना पड़ता है। यहाँ देश के लिए मैं क्या कर सकता हूँ, जनरेशन भारत बिल्डिंग न्यू इंडिया जैसा विषय दिया गया है। मेरी मान्यता है कि हमें पहले अपना ध्यान, फिर परिवार, फिर समाज और फिर देश का ध्यान रखने की प्रवत्ति होना चाहिए। अपना ध्यान रखने का मतलब यह हुआ कि हमारी शारीरिक और मानसिक फिटनेस सही होना चाहिए। कुछ भी करने के लिए स्वस्थ और फिट रहना जरुरी है।
उन्होंने कहा कि हमारे बचपन में मोबाइल नाम की बीमारी नहीं थी और तब फिजिकल गतिविधियाँ बहुत ज्यादा होती थी। अब यह सबकुछ मुश्किल हो गया है। हम फ़ोन पर घंटों बीता सकते हैं। सिगरेट के पैकेट पर वार्निंग लिखी होती है लेकिन मोबाइल फ़ोन पर नहीं। ये मोबाइल हमारा बहुत सारा समय खराब कर रहा है। जीवन में आगे बढ़ने का एक ही तरीका है – शिक्षा। नेशन बिल्डिंग के लिए शिक्षा बहुत जरुरी है। हमारे दोस्त भी अच्छे होना चाहिए क्योंकि कुछ दोस्त बिगाड़ने वाले भी होते हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि हमें जीवन में पहले कुछ बनकर दिखाना होगा। हम कुछ बन जाएँ तो फिर परिवार का ध्यान रखें। यह भी सही है कि पैसा बहुत अमेजिंग चीज है। पैसा भी जरुरी है लेकिन उतनी ही जरुरी है उदारता, ताकि हम परिवार के साथ दूसरों की भी मदद कर सकें। कई बार हमारा काम भी समाज की मदद करता है। उदाहरण के लिए झाड़ू मारने का काम करने वाला भी समाज में अपना योगदान देता है। ऐसे बेशुमार काम है जिनसे समाज को बहुत कुछ मदद मिलती है। हमारे काम ऐसे होने चाहिए कि हमारे साथ-साथ लोगों को भी फायदा मिले।
भगत ने कहा कि देश के लिए काम करने के बेशुमार तरीके हैं। हम लिख सकते हैं, सोशल मीडिया के माध्यम से काम कर सकते हैं लेकिन इन सब के लिए पहले खुद और परिवार को सेट करने और आर्थिक रूप से अपना और परिवार का भविष्य सुरक्षति करना भी जरुरी है। आज दुबई या सिंगापूर व्यवस्थित देश माने जाते है तो इसलिए कि वहां के लोग नियमों का पालन करते हैं। हमें भी यह सब सीखना होगा। दुनिया में समस्याओं की कमी नहीं है। प्रदुषण है, ग्लोबल वार्मिंग है, लड़ाईयां है, इस तरह की अनेक समस्याएँ दुनिया में मौजूद हैं। हम भारतीय तो पूरे विश्व का भला चाहने वाले लोग हैं। आज देश में युवाओं से सबसे ज्यादा उम्मीदें की जा रही हैं। ठीक भी है क्योंकि बुजुर्गों के लिए तो अब आराम और एन्जॉय का समय हो गया है। युवा यदि 10-2० साल भी मेहनत कर ले तो उनकी जिन्दगी औसतन आसन हो जाएगी। इसके उलट यदि ये 10-2० साल बर्बाद कर दिए तो जीवन को उसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है। इसलिए मेरी मान्यता है कि यदि हमने अपने इंटरेस्ट को नेशन के इंटरेस्ट के साथ अलाइन कर लिया तो समझो कि हमारा काम पूरा हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित थे। चेतन भगत को शहर में किसी सार्वजनिक मंच पर युवाओं के बीच आकर संबोधन का यह पहला मौका था जिसका युवाओं ने भरपूर उत्साह के साथ लाभ उठाया।
आज एनसीसी और एनएसएस का मार्च पास्ट – संस्था सेवा सुरभि के संयोजक ओमप्रकाश नरेडा ने बताया कि झंडा ऊँचा रहे हमारा अभियान में शुक्रवार 16 जनवरी को सुबह 8.30 से 10 बजे के शहर के स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं द्वारा रीगल चौराहे पर स्थापित इंडिया गेट की प्रतिकृति पर देश भक्ति से प्रेरित गीतों की प्रस्तुतियों का कार्यक्रम होगा। यह सिलसिला 26 जनवरी तक नियमित रूप से चलेगा। अभियान के तहत शुक्रवार को सुबह नेहरु पार्क के पास स्थित एसजीएसआईटीएस के एनसीसी और एनएसएस के कैडेट्स द्वारा कॉलेज प्रांगण से इंडिया गेट तक मार्चपास्ट किया जाएगा। सभी कैडेट्स इंडिया गेट पहुंचकर जैन इंजीनियर सोसाइटी की मेजबानी में देश के अनाम शहीदों को अपनी ओर से पुष्पांजलि समर्पित करेंगे। शनिवार 17 जनवरी को सुबह 8.30 बजे गाँधी हॉल से इंडिया गेट तक अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों स्कूली बच्चों की रैली निकाली जाएगी। शनिवार को ही शाम 6.४५ बजे से “भारत हमको जान से प्यारा है” संगीत संध्या में रवीन्द्र नाट्यगृह में रंग-ए-महफ़िल एवं वनबन्धु परिषद इंदौर चैप्टर की सहभागिता में पुणे के कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।



