कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया।

आशीष यादव धार
धार में वीबी जी राम जी योजना पर प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा योजना में अधिकारी मजदूरों से साथ गांठ के आरोप लगाए। मध्य प्रदेश में 20 वर्षों से अधिक समय से भाजपा की सरकार राज्य में है। विजयवर्गीय ने अपनी ही सरकार पर मुखर होते योजना के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि यह योजना गड्ढा करो और गड्ढा भरो योजना थी । विगत 10 वर्षों से अधिक समय से केंद्र में भाजपा की सरकार है और प्रदेश में भी 20 वर्षों से अधिक समय से भाजपा की सरकार है । फिर भी इस प्रकार के सरकार पर सवाल उठा कर कैलाश विजयवर्गीय किसको सवालों के घेरें में लाना चाहते है यह वही बता सकते है। क्या इसमें विभागीय मंत्री भी शामिल हे कैबिनेट मंत्री किस और इशारा करना चाहते है।
योजना की मजदूरों को 10% और अधिकारियों को 90 % राशि मिल रही:
श्री विजयवर्गीय ने सरकार पर सवाल उठाते हुए योजना से जुड़े अधिकारियों को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि गुजरात में बैठे मजदूर के जॉब कार्ड में मजदूरी डाली जाती है वह मजदूर जब गुजरात से आता है तो बैंक से राशि निकाल कर 10 प्रतिशत खुद रखता है और बाकी 90 प्रतिशत राशि संबंधित अधिकारियों को दे देता है यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से होता है । इस प्रकार के गंभीर आरोप लगा कर विजयवर्गी ने सनसनी फैला दी है।
क्या ऐसे अधिकारियों की जांच हो कार्यवाही होगी:
क्या सरकार अब इस प्रकार के दोषी अधिकारियों की जांच करवा कर दोषियों की खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर इनकी संपति को जप्त कर कठोर कार्यवाही करेंगी या कैलाश विजयवर्गीय सरकार को कटघरे में खड़े कर दबाव बनाने के लिए इस प्रकार की बयान बाजी कर रहे हैं। क्यों कि कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में भी घिरते हुए दिख रहे है । इसी को लेकर वे बचने के लिए सरकार पर दबाव के लिए इस प्रकार से सरकार ओर संगठन पर सवाल उठा कर घेरने का काम कर रहे हैं।



