
शहर के सम्पन्न जैन परिवार की एक और बेटी चली संयम की राह पर…
कम्पनी सेक्रेटरी की डिग्री लेकर म्यूच्यूअल फंड मैनेजर का काम करने वाली विनुषी भंडारी लेगी दीक्षा
साधुमार्गी जैन समता संघ की मेजबानी में 3-4 अप्रैल को होगा अभिनन्दन समारोह
इंदौर। शहर की एक और, सम्पन्न जैन परिवार की उच्च शिक्षित, कम्पनी सेक्रेटरी एवं म्यूच्यूअल फंड मैनेजर का काम करने वाली बेटी विनुषी भंडारी जल्द ही संयम के पथ पर अग्रसर होने जा रही है। विनुषी जावरा कम्पाउंड निवासी व्यवसायी वीरेन्द्र-शीतल भंडारी की बेटी और सृजन-राधिका भंडारी की 30 वर्षीय बहन हैं। उन्होंने पिछले 8 वर्षों में अनेक जैन ग्रंथों का अध्ययन भी किया है। उनकी दीक्षा आगामी 23 अप्रैल बैसाख सुदी सप्तमी को होगी। उसके पूर्व 3-4 अप्रैल को उनका अभिनन्दन होगा।
श्री साधुमार्गी जैन समता संघ इंदौर के तत्वावधान में आगामी शुक्रवार 3 अप्रैल को सुबह 9 बजे प.पू. आदित्य मुनि म.सा. आदिठाना एवं प.पू. साध्वी श्रीकांता श्रीजी म.सा. आदिठाना की निश्रा में यशवंत निवास रोड स्थित समता भवन पर मुमुक्षु विनुषी भंडारी की दीक्षा के उपलक्ष्य में समता प्रसादी एवं शाम 7.30 बजे रवीन्द्र नाट्यगृह में गुरु भक्ति एवं भजन संध्या के आयोजन होंगे। साधुमार्गी जैन समता संघ के अध्यक्ष पारस बोहरा एवं महामंत्री पिंकेश पगारिया ने बताया कि शनिवार 4 अप्रैल को सुबह 7 बजे जावरा कम्पाउंड स्थित लायंस क्लब के सभागृह में नवकारसी के पश्चात प्रातः 8.15 बजे उनके 142 जावरा कम्पाउंड स्थित निवास से बैंड बाजों सहित वरघोडा निकलेगा जिसमें वे एक खुली बग्घी में विराजित होकर अपने संसारी जीवन में काम आने वाली गृहस्थी की सामग्री को लुटाते हुए चलेंगी। यह वरघोडा सुबह 10 बजे रवीन्द्र नाट्य गृह पहुंचेगा जहाँ शहर के श्रीसंघों एवं विभिन्न संगठनों की ओर से उनका अभिनन्दन किया जाएगा।
अध्यक्ष बोहरा एवं महामंत्री पगारिया ने बताया कि दीक्षा लेने जा रही मुमुक्षु विनुषी भंडारी के परिवार में सात भाई-बहन एवं अन्य परिजन हैं। उनका परिवार शहर के सम्पन्न परिवारों में माना जाता है। उनके परिवार से पहले ही चार सदस्य दीक्षा ले चुके हैं। उनकी नानी स्मृतिशेष चंद्रकांता श्रीजी म.सा. एवं स्मृतिशेष ताराकंवर श्रीजी म.सा., मासी मनोरमा श्रीजी म.सा. एवं चितरंजना श्रीजी म.सा. भी श्री साधुमार्गी संघ से दीक्षा ले चुके हैं। उनके एक चाचा श्री दीपेश मुनिजी म.सा. भी अन्य संघ से दीक्षा लिए हुए हैं। इस तरह मुमुक्षु विनुषी भंडारी अपने इन्हीं निकटतम सम्बन्धियों और जैन ग्रंथों तथा बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि म.सा. आदिठाना की प्रेरणा से अब 23 अप्रैल को पूरी तरह दीक्षा लेकर साध्वी जीवन अपनाएंगी।



