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इंदौर

इंदौर। झिलमिलाती रोशनी में बाल कलाकारों ने मंच पर समझाया जिंदगी में आशा का महत्व

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इंदौर। विनोद गोयल की रिपोर्ट।
माउंट लिट्रा जी स्कूल में शनिवार से दो दिवसीय वार्षिक उत्सव समारोह की शुरुआत हुई। स्कूल के 9वें वार्षिकोत्सव अनुरूप में पहले दिन आशावत थीम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा इंदौर जिला अध्यक्ष डॉ राजेश सोनकर,जिला शिक्षा अधिकारी इंदौर मंगलेश व्यास, इंडेक्स मेडिकल कालेज डीन डॉ जी एस पटेल,जनपद पंचायत अध्यक्ष विश्वजीत सिंह सिसोदिया ने बाल कलाकारों का उत्सावर्धन किया। इस अवसर पर माउंट लिट्रा जी स्कूल के चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया,स्कूल के सीईओ रूपेश वर्मा उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में नर्सरी से 5वीं कक्षा के मेधावी छात्रों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। अनुरूप वार्षिक उत्सव के पहले दिन मयंक वेलफेयर सोसायटी द्वारा स्व. श्री नरेंद्र सिंह भदौरिया एवं श्रीमती मुन्नीदेवी भदौरिया की स्मृति में स्कॉलरशिप राशि स्कूल को प्रदान की गई। अब इसके जरिए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए मदद मिल सकेगी। स्कूल के चेयरमैन मयंकराज सिंह ने कहा कि इंडेक्स समूह के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया के मार्गदर्शन पर इंडेक्स समूह नई ऊंचाईयां पर पहुंचा है सफलता का यह सफर नए कीर्तिमान रच रहा है। स्कूल ने बदलते वक्त के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अब नई आधुनिक सुविधाओं के साथ शुरुआत की है। वार्षिक उत्सव में इंडेक्स समूह के डायरेक्टर आर एस राणावत,एडिशनल डायरेक्टर आर सी यादव,डीन एस जी सोलोमन ,माउंट लिट्रा जी स्कूल के प्राचार्य श्याम अग्रवाल,उपप्राचार्य मौमिता चटर्जी उपस्थित थे।
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कला के जरिए बच्चों ने बताया जिंदगी में आशा का महत्व
अनुरूप वार्षिक उत्सव में पहले दिन बच्चों ने नाटक और नृत्य के जरिए जीवन में आशा के महत्व को बताया। इसमें बच्चों ने नाटक पंचतत्व के जरिए बताया कि जिंदगी की हर परेशानी में एक आशा ही ऐसी भावना है जिससे आप सफलता के शिखर पर पहुंच सकते है। आशावत हमें बताता है कि मनुष्य का जीवन आशाओं से चलता है। मनुष्य और प्रकृति के बीच इस अनैतिक लड़ाई में मनुष्य विशाल प्रकृति के आगे बहुत छोटा है। कोरोना महामारी के दौरान यह सीख पूरी दुनिया में मौजूद हर इंसान को मिल चुकी है। कलाकारों ने नाटक के जरिए काम,क्रोध,लोभ और सभी हमें कष्ट देते है। इसके कारण मनुष्य विनाश की ओर जाता है।

आनंदोत्सव में देशभक्ति और संस्कृति की झलक
अनुरूप वार्षिक उत्सव में नाटक प्रकृति मांगे सहायता में बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि कोरोना के बाद अब इंसान को यह समझ आ गया है कि जब जब मानव हारा है तो प्रकृति ही उसकी मददगार बनी है। इसी के साथ आशाएं नाटक में बच्चों ने जिंदगी में उम्मीद और आशाओं के महत्व को अपनी कला के जरिए मंच पर जीवंत किया। कलाकारों के समूह ने वीरता नाटक में कलम की अहमियत और वीरता की भाषा की परिभाषा को पेश किया। आनंदोत्सव में देशभक्ति और विभिन्न सांस्कृतिक गीतों पर बच्चों ने शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी। कलाकारों के समूह ने देशभक्ति गीतों पर जहां वीर जवानों की जिंदगीं को नृत्य के जरिए पेश किया। बच्चों की सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति में विभिन्न प्रदेशों की झलक देखने को मिली।
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