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राजस्थान की मिट्टी से उठा जुनून, 36 घंटे में कन सिंह सोधा का बना ‘ज़ोर का धक्का’

ज़ोर का धक्का

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राजस्थान की मिट्टी से उठा जुनून, 36 घंटे में कन सिंह सोधा का बना ‘ज़ोर का धक्का’

राजस्थान। फिल्म इंडस्ट्री में जहाँ प्रमोशनल गाने हफ्तों की प्लानिंग से बनते हैं, वहीं कन सिंह सोधा ने रफ्तार की परिभाषा ही बदल दी। अपनी आने वाली हॉरर-कॉमेडी फिल्म ज़ोर के लिए उन्होंने महज़ 36 घंटों में पूरा प्रमोशनल गाना और म्यूज़िक वीडियो तैयार कर दिया।

हाई-वोल्टेज ट्रैक “ज़ोर का धक्का” सिर्फ 18 घंटे के लगातार स्टूडियो सेशन में तैयार हुआ। कंपोज़िशन, रिकॉर्डिंग, मिक्सिंग और मास्टरिंग — सब कुछ बिना रुके पूरा किया गया। गाने की धुन फिल्म की तरह ही शरारती, थोड़ा डरावनी और पूरी तरह ऊर्जावान है।

इसके बाद बिना समय गंवाए शूट शुरू हुआ। अगले 18 घंटे लगातार शूट और एडिट साथ-साथ चलते रहे। कैमरा, लाइट्स, परफॉर्मेंस और ऑनलाइन एडिट — सब कुछ रियल टाइम में आकार लेता गया। यही वजह है कि वीडियो में एक कच्ची, जंगली और इलेक्ट्रिक ऊर्जा महसूस होती है, जो ज़ोर की दुनिया से मेल खाती है।

यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब कन सिंह सोधा पहले ही सम्मानित हो चुके हैं। उनकी निर्देशित शॉर्ट फिल्म दादी का मुरब्बा को हाल ही में प्रतिष्ठित राष्ट्र शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें वरिष्ठ फिल्मकार सुनील दर्शन के हाथों मिला। फिल्म को उसके सामाजिक संदेश और भावनात्मक गहराई के लिए सराहा गया।

ज़ोर का निर्माण उनकी कंपनी KSS Productions & Entertainment Pvt. Ltd. के बैनर तले हुआ है। फिल्म के प्रीमियर पर उन्होंने विशेष स्क्रीनिंग देश के जवानों को समर्पित की। इसी समर्पण और सेवा भावना के लिए उन्हें डीआईजी, CISF, मुंबई एयरपोर्ट द्वारा सम्मानित भी किया गया।

कन सिंह सोधा गर्व से कहते हैं कि उनकी जड़ें राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी हैं। वही रंग, वही जज़्बा और वही जिद उनके अंदर रचनात्मकता को बहने देता है। शायद यही कारण है कि वे जोखिम लेने से नहीं डरते।

निर्माता, संपादक और अब इस प्रमोशनल वीडियो के निर्देशक के रूप में उन्होंने फिर साबित किया है कि जब जुनून और रफ्तार साथ आते हैं, तो सिनेमा सिर्फ बनता नहीं — फट पड़ता है

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