शहर के कालेज के छात्र-छात्राओं एवं समस्त स्टॉफ द्वारा कलेक्टर वं एसडीएम को जनसुनवाई में दिया ज्ञापन।

धार
शहर के कालेज कि झूठी शिकायत करने वालो के विरुद्ध कालेज छात्र छात्राओं ने कलेक्टर को जनसुनवाई में दिया ज्ञापन। कालेज के छात्र-छात्राओं एवं समस्त स्टॉफ ने कलेक्टर महोदय को जनसुनवाई में कालेज के पक्ष में दिया ज्ञापन। जिसमें बताया गया की हमारे रजिस्ट्रेशन एवं परिक्षाए सुचारु रुप से संचालित हो रही है। एवं सारे काम कालेज द्वारा समय समय पर किए जा रहे है। लेकिन कुछ असमाजिक तत्व जिनके द्वारा कालेज की बदनामी करने की नियत से कालेज कि झूठी शिकायत की जा रही है जो की झुटी व देबुनियाद है। छात्र छात्राओं एवं आई.जी.एम. कालेज के स्टाफ ने बताया की रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के संबंध में सभी जानकारी कालेज द्वारा जबलपुर युनिवर्सिटी एवं NCH नई दिल्ली में भेजी जा चुकी है।
आई.जी.एम. कॉलेज के पूर्व में समस्त बेच सत्र 2012, 2013, 2014, 2015 के सभी का प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन एवं परमानेंट रजिस्ट्रेशन छात्रों को प्राप्त हो गया है एवं वह विभिन्न शासकीय, क्लिनीक एवं हॉस्पिटल में सफलतापुर्वक काम कर रहे है। वर्ष 2016 एवं 2017 बैच के विद्यार्थियों के प्रकरण को लेकर कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं समस्त स्टॉफ ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट की है और मामले के शीघ्र समाधान की मांग की है। कालेज के छात्र छात्राओं के वर्ष 2016 और 2017 के MQRL से संबंधित समस्त दस्तावेज MPMSU जबलपुर एवं NCH NEW DELHI को उपरोक्त अनुसार समस्त दस्तावेज भेजे जा चुके है इसकी ई मेल एवं डिलेवरी रिपोर्ट कालेज के पास मोजुद हैं। यदि कालेज के पास एफिलिकेशन (संबंधता) सम्बंधित जानकारी नहीं होती तो किसी भी छात्र की परीक्षा भी उत्तीर्ण नही होती सत्र 2016 और 2017 के सभी छात्रो के एडमिशन मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित नियम अनुसार ही रजिस्ट्रेशन हुए है मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग द्वारा ही समस्त छात्रो का एडमिशन हुआ है।
मा. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर द्वारा ही आदेश पारित हुआ है। जिसके कारण समस्त छात्रो को परमिशन मिलने के कारण फाईनल रजिस्ट्रेशन देना ही है पंजीयन प्रक्रिया से जुड़ी कुछ प्रशासनिक व तकनीकी अडचनों के कारण फाइनल रजिस्ट्रेशन में विलंब हुआ है जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पडा। कॉलेज प्रशासन ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रकरण को युनिर्वसिटी द्वारा शीघ्र निराकरण कराया जाए। कॉलेज प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा संबंधित शासकीय व शैक्षणिक संस्थाओं को पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार हैं। मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्यवाही की प्रतीक्षा है। एवं छात्र छात्राओं एवं समस्त स्टॉफ में जो असामाजिक तत्व बार-बार कॉलेज के विरुद्ध झूठी शिकायत कर रहे है। उन पर कड़ी कार्यवाही कर एफ.आई.आर की मांग की है।



