
विवाह पूर्व परामर्श एवं परिवार परामर्श विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान
*आष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में विवाह पूर्व परामर्श एवं परिवार परामर्श पर मनोवैज्ञानिक सत्र का आयोजन*

इंदौर। अक्षर सामाजिक सेवा समिति इंदौर के माध्यम से शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय इंदौर में *विवाह पूर्व परामर्श एवं परिवार परामर्श* विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य महोदय डॉ ए पी एस चौहान सर द्वारा को गई । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सुश्री अल्का फड़से जी मनोवैज्ञानिक अक्षर सामाजिक सेवा समिति एवं मुख अतिथि डॉ वंचना सिंह परिहार, महिला सशक्तिकरण अधिकारी, प्रशासक वन स्टॉप सेंटर 1, महिला बाल विकास विभाग जिला इंदौर द्वारा उदबोधन दिया गया। डॉ वंचना सिंह परिहार जी ने समाज में बढ़ रहे अनैतिकता पर चर्चा करते हुए परिवार विवाह जैसे सामाजिक संस्थाओं की महत्ता को बताया गया एवं वर्तमान समाज में पश्चिमीकरण के कारण संस्कृति के पतन एवं नए मूल्यों से अनैतिक संबंधों के बढ़ने पर चर्चा की गई। किस प्रकार से परिवार और विवाह जैसी सामाजिक संस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से परिवार का विघटन होने से समाज का विघटन हो रहा है और इसे बचाना बहुत जरूरी है। इसके बचने के लिए परामर्श कितनी भूमिका निभा सकता है पर चर्चा की। सुश्री अल्का फड़से जी द्वारा विवाह और परिवार को सफल बनाए रखने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श बहुत महत्वपूर्ण है इसको रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से वर्तमान एवं भावी पीढ़ी मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझ कर अपने रिश्तों को प्यार से हैंडल कर सकता है और किस प्रकार से अपने नियमों को बनकर एक खुशहाल दाम्पत्य जीवन को जिया जा सकता है। अल्का जी द्वारा प्रतिभागियों को प्रश्नावली एवं कुछ केसस्टडी के माध्यम से विवाह पूर्व परामर्श एवं विवाह पश्चात परिवार परामर्श के माध्यम से मनोविज्ञान के सिद्धांतों के आधार पर सामंजस्य कैसे बैठाया जाए पर टिप्स दिए। प्रतिभागियों द्वारा बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ रंजीता द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं सूत्रधार डॉ अखिलेश भार्गव एवं अक्षर सामाजिक सेवा समिति के अध्यक्ष श्री विवेक सिंह जी हैं। श्री विवेक सिंह जी का विचार है कि वर्तमान पीढ़ी में नवीन प्रकार का पारिवारिक पैटर्न और माहौल हो गया है, ऐसे समय में विवाह और परिवार जैसी संस्था को बचाना अनिवार्य हो गया है इसलिए वो अपनी सामाजिक संस्था अक्षर सामाजिक सेवा समिति के माध्यम से जनजागरूकता लाने के प्रयास कर रहे हैं जिससे सामाजिक विघटन की समस्या भारतीय समाज में न आए।यदि जनजागरूकता आ जाती है और परामर्श से परिवार का विघटन रुकता है तो पुलिस और न्यायालय पर कार्य का भार भी कम होगा। कार्यशाला एवं व्याख्यान माला महाविद्यालय के प्रोफेसर एवं चिकित्सक , जूनियर डॉक्टर्स, अक्षर सामाजिक सेवा समिति इंदौर की टीम उपस्थित रही।आभार एवं धन्यवाद डॉ रंजीता ने दिया।



