
अग्रवाल कुटुम्ब के 1100 सदस्यों के मुकाबले अब
तक 751 सदस्य बने, अग्रसेन प्रतिमा पर हुआ पूजन
कारोबारी रिश्तों के साथ बनाएँगे पारिवारिक सम्बन्ध – सुख दुःख में बनेंगे भागीदार
इंदौर। समाज सेवा अथवा मनोरंजन और अन्य दूसरे कार्यक्रमों से अलग, एकदूसरे के साथ कारोबार और व्यवहार करने के उद्देश्य से गठित अग्रवाल कुटुम्ब के 1100 सदस्य बनाने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 751 सदस्य बन चुके हैं जिनके सदस्यता पत्रकों का पूजन गुरुवार को पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की साक्षी में किया गया। उम्मीद है कि 1100 सदस्य बनाने का लक्ष्य अप्रैल के मध्य तक पूरा हो जाएगा।
अग्रवाल कुटुम्ब के प्रमुख संजय बांकडा ने बताया कि समाज में पहली बार एक ऐसी संस्था का गठन किया गया है जिसका उद्देश्य केवल समाजसेवा या मनोरंजन नहीं बल्कि समाजसेवा के साथ एकदूसरे के साथ कारोबार और व्यवहार करने के रिश्तों को मजबूती देने का भी रखा गया है। प्रारम्भ में कुल 1100 सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य था जो मात्र एक माह की अवधि में ही आधे से अधिक पूरा हो चुका है। अब तक 751 सदस्य बनाए जा चुके हैं जिनके सदस्यता पत्रों का पूजन गुरुवार को पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की साक्षी में किया गया। इस अवसर पर कुटुम्ब के राजेश मित्तल (मालवा मिल), मनोज अग्रवाल (अन्नपूर्णा), नितिन अग्रवाल (एयरपोर्ट), सचिन अग्रवाल (दरबार), रितेश मित्तल (बारदान), मनीष जिंदल, अजय मंगल, रितेश राजवंशी सहित अनेक प्रमुख सदस्य उपस्थित थे।
बांकडा ने बताया कि अग्रवाल कुटुम्ब के लिए अब तक जो सदस्य बने हैं उनमें डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, बिल्डर, कॉलोनाइजर, प्रोफेसर, ऑटो डीलर्स, प्रॉपर्टी ब्रोकर, इंश्योरेंस एजेंट, रेडीमेट गारमेंट्स, विक्रेता, हार्डवेयर, फर्नीचर मेनूफेक्चर, डिजाईनर, प्रिंटर सहित विविध क्षेत्रों के कारोबारों से जुड़े बंधु शामिल हैं। अग्रवाल कुटुम्ब के रत्नेश गोयल, सोनू अग्रवाल, विकास जिंदल, भावेश अग्रवाल, राम अग्रवाल, अरविन्द वेल्यूअर, संजय गोयल मंडी, अमित अग्रवाल, पसंद बांकडा, अमृत गोयल एवं विनोद गोयल ने बताया कि संस्था द्वारा वर्ष भर व्यवसायिक गतिविधियों के साथ-साथ 4 पारिवारिक और आत्मीय मिलन समारोह भी आयोजित किए जाएँगे। ताकि सभी सदस्यों के बीच एकदूसरे से कारोबारी रिश्तों के साथ पारिवारिक रिश्ते भी स्थापित हो सकें और वे एकदूसरे के सुख दुःख में भी भागीदार बन सकें। संस्था का पहला मिला समारोह अप्रैल माह में आयोजित होगा।



