छुट्टीवाले दिन भी दस्तावेज पंजीयन का मौका ताकि लक्ष्य के करीब पहुंच सके विभाग
वित्तीय लक्ष्य प्राप्ति खुले रहेंगे कार्यालय, हर रोज मुख्यालय पर 50 से अधिक स्लॉट बुक हो रहे हैं।

आशीष यादव धार.
जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जमीन की गाइड लाइन तय करने को न लेकर तैयारी चल रही है। इस बार भी दरें बढ़ना तय है। ऐसे में लोग वर्तमान वित्तीय वर्ष की दर पर ही दस्तावेज पंजीकृत करने में में रूचि दिखाएंगे। विशेषकर उन क्षेत्रों के लोग जहां गाइड लाइन दर बढ़ने की संभावना है। इसको देखते हुए पंजीयक विभाग द्वारा मार्च माह में छुट्टी वाले दिन भी रजिस्ट्री करवाने की सुविधा दी जा रही हे सभी पंजीयक कार्यालय खोलने के आदेश जारी हुए हे उसी कर्मी जिला मुख्यालय पर छुट्टी वाले दिन कार्यालय में कार्य हो रहा है। पंजीयक कार्यालय अपनी अपने लक्ष्य के करीब है। वही शासन के लिए राजस्व अर्जित करने वाले बड़ा महकमा जिला पंजीयक कार्यालय अपने वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त करने का जद्दोजहद में जुटा हुआ है। इसको लेकर अवकाश के दिन शनिवार-रविवार एवं अन्य अवकाशों के दिनों में भी संपत्तियों का पंजीयन करने के लिए कार्यालय खोले जा रहे हैं। ओर बड़ी संख्या में पंजीयन के लिए लोग पहुंच रहे हैं।

हर रोज हो पंजीयन दस्तावेज:
छुट्टी वाले दिन भी स्लोटॉल बुक हो रहे हैं। ओर रजिस्ट्री करवाने पहुंच रहे है, विशेषकर उन क्षेत्रों के लोग जहां गाइड लाइन बढ़ना प्रस्तावित है और लोगों ने सौदे करने के बाद भी दस्तावेज पंजीकृत नहीं करवाए हैं। ऐसे लोगों के साथ वह भी जो इन क्षेत्रों में भविष्य को देखते हुए जमीन खरीदना चाहते हैं। विभाग को उम्मीद है कि मार्च में 30 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा। इसलिए 1 से 31 मार्च के बीच होली को छोड़कर शेष छुट्टियों व अन्य दिन पंजीयक कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों को निराश न होना पड़े।

कम आ रहे दस्तावेज:
गौरतलब है कि गत वर्ष मार्च माह में करीब 36 करोड़ रुपए का राजस्व दस्तावेज पंजीयन से प्राप्त – हुआ था। इस वर्ष का मार्च माह बीतने आया है। अभी 15 करोड़ रुपए के लगभग पंजीयक शुल्क प्राप्त हुआ है। विभाग द्वारा प्रतिवर्ष राजस्व लक्ष्य बढ़ाया जा रहा है। वहीं बीते दो सालों से लक्ष्य की तुलना में राजस्व अच्छा मिल रहा है। इस वर्ष विभाग अपने लक्ष्य से करीब है। शहर सहित जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्ति की गाइड लाइन जिले में कुछ लोकेशनों पर 30 फीसदी तक दर बढ़ाने बढ़ाने का लक्ष्य है। कुछ ही लोकेशन ऐसी रहेगी, जहां इससे ज्यादा दर बढ़ाई जाएगी जबकि औसत की बात करें तो 15 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य है। इससे जमीनों के भाव बढ़ने के साथ रजिस्ट्री करवाना भी महंगा होगा। पिछले साल भी दर बढ़ाई थी किन्तु कुछ कम थी। इस बार धार शहरी हाईवे के फोरलेन में तब्दील होने के साथ जिले में जहां-जहां डेवलपमेंट हो रहा है या निवेश होने की संभावना है। उन क्षेत्रों में गाइडलाइन बढ़ने की संभावना है।
गाइड लाइन बढ़ेगी, फिर भी पंजीयन कम:
नए वित्तीय वर्ष 26-27 से शहर के अलग-अलग इलाकों में आवासीय भूखंडों से लेकर व्यवसायिक एवं सिंचित और असिंचित भूमियों की गाइड लाइन बढ़ाई जा रही रही है। कई इलाकों में जमीन के दाम काफी बढने वाले हैं। इस आधार पर ही होगा। आम तौर पर गाइड लाइन पंजीयन शुल्क भी विभाग को प्राप्त बढने के पूर्व पंजीयन की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन इस वर्ष इस तरह की स्थितियां नहीं दिख रही है। नए वित्तीय वर्ष में संपत्ति दस्तावेज पंजीयन कराने पर अधिक खर्च बैठेगा। इसके बावजूद निवेशक और खरीदार की रुचि कम दिख रही है। इससे बाजार की अर्थ व्यवस्था का अंदाजा भी लग रहा है।
लक्ष्य हासिल करीब 220 करोड़:
जिले से पंजीयक विभाग को 309 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य प्राप्त हुआ है। लक्ष्य के तुलनात्मक अभी 220 करोड़ का ही लक्ष्य हासिल मात्र 10 दिन शेष है। ऐसे में 89 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करना मुश्किलों भरा दिख रहा है। वही हर रोज जिला मुख्यालय पर 50 अधिक स्लॉट बुक हो रहे हैं। वही अपने बड़े दस्तावेज नहीं आने से भी राजस्व नहीं मिल पा रहा है। आने वाले दिनों में उम्मीद है। बड़े दस्तावेज पंजीयन होगे तो राजस्व मिलेगा।
किसानों का अनाज नहीं बिका, बाजार में लिक्विडिटी नहीं:
जिले में इस वर्ष आवासीय भू-खंडों की रजिस्ट्रियां कम हुई है। इसकी अपेक्षा कृषि भूमियों की खरीदारी अधिक की गई है। बाजार में दो तरह के लोग पंजीयन राजस्व को बढ़ाते हैं, जिसमें एक होता है निवेशक और एक पक्ष क्रेता-विक्रेता का होता है। यह सभी पक्ष अभी खरीदी बिक्री से दूर हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि ग्रामीण जिले में किसानों का अनाज अभी खेतों और खलिहानों में है। विक्रय के बाद बाजार में व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ती है। लिक्विडिटी बढ़ने के कारण संपत्ति खरीद फरोख्त को गति मिलती है।
लक्ष्य की ओर है विभाग।
वही मार्च में लक्ष्य के लिए छुट्टी वाले दिन भी पंजीयक कार्यालय खुले हैं। अभी वित्तीय वर्ष समाप्ति में 10 ओर बचे हुए है। विभाग लक्ष्य के करीब पहुंचने का पूरा प्रयास रहेगा।
प्रभात वाजपेयी, जिला पंजीयक धार



