बड़वाह। बड़वाह में माता की बाड़ी बोने के साथ दस दिवसीय गणगौर पर्व की हुई शुरुआत…

कपिल वर्मा बड़वाह। बड़वाह में निमाड़ के प्रसिद्ध दस दिवसीय गणगौर पर्व की शनिवार से शुरुआत हो गई है।
नगर के सराफा बाजार स्थित प्राचीन आचार्य दादू पंडित, पंडित आशीष जोशी व पंकज शर्मा सहित अन्य बाड़ियों में महिलाएं माता के ज्वारे बोने के लिए टोकरी गेहूं व अन्य पूजन सामग्री लेकर पहुंची। व गणगौर माता के गीत गाकर पूजन सामग्री दी गई।
उसके बाद बाड़ी प्रमुख पंडितों द्वारा पूजन अर्चन के बाद गणगौर माता की 500 से ज्यादा बाड़ी बोई गई। आचार्य दादू पंडित ने शाम पांच बजे बताया कि टोकरियों मे शुद्धता के साथ तीन मुट्ठी काली मिट्टी और तीन मुट्ठी गेहूं के पुड़ की डालेंगे। और तीन देवी महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती के बाद तीन देवता ब्रह्मा विष्णु और महेश के नाम का आव्हान के साथ ज्वारे बोएगे।
उसके बाद प्रतिदिन सुबह-शाम जवारों की पूजा की जाएगी। दादू पंडित ने बताया कि आज से पांचवें दिन शनिवार को माता घुघराएगी। इस दिन माता को शुद्ध जल से स्नान कराकर घुघरी और लाप्सी का भोग लगाया जाएगा। 21 मार्च को माता की बाड़ी के पट खुलेगे।
इस दिन श्रद्धालु बैंड बाजों ढोल ढमाकों के साथ बाड़ी से गणगौर रथों मे रखा माता को अपने घर ले जाएंगे। 22 मार्च को रथ बौड़ाए जाएंगे। और 23 मार्च को माता का विसर्जन होगा। इस दौरान नगर के गणगौर घाट पर मेले का आयोजन होगा।



