
*इंदौर फिर नंबर-1 की तैयारी में जुटा*
*पार्षदों का स्वच्छता अभ्यास वर्ग शुरू, हर वार्ड में चलेगा ‘क्लीन मिशन’*
*सूरत, नवी मुंबई और विशाखापत्तनम मॉडल अपनाने की तैयारी*
*3 आर सेंटर का लोकार्पण*
*डिजिटल RRR टैलेंट प्लेटफॉर्म लॉन्च नए साल की स्वच्छ वार्ड रैंकिंग पर जोर*

इंदौर । देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अब एक बार फिर नंबर -1 बनने की दिशा में कमर कस चुका है। स्वच्छता अभियान को और मजबूती देने के लिए सोमवार को स्वच्छता अभ्यास वर्ग और स्वच्छ वार्ड रैंकिंग अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन RRR केंद्र, केसर बाग में किया गया।
कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव,भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, आयुक्त क्षितिज सिंघल, स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, महापौर परिषद सदस्य और पार्षदों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
*400 अंकों की स्वच्छ वार्ड रैंकिंग*
हर वार्ड का रोजाना मूल्यांकन
कार्यशाला में 400 अंकों की स्वच्छ वार्ड रैंकिंग टूलकिट की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें यह बताया गया कि अब हर वार्ड की स्वच्छता का मूल्यांकन कचरा प्रबंधन, स्रोत पर पृथक्करण,जनसहभागिता, सफाई व्यवस्था,RRR गतिविधियाँ, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता जैसे मानकों के आधार पर किया जाएगा। निगम की योजना है कि इससे वार्डों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नागरिकों की भागीदारी भी।
कार्यक्रम में सूरत, नवी मुंबई और विशाखापट्टनम के अध्ययन दौरे से जुड़े अनुभव साझा किए गए। इन शहरों में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, उन्नत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन,क्लीन स्ट्रीट सिस्टम, मशीनरी आधारित सफाई जैसी श्रेष्ठ व्यवस्थाएँ हैं। इंदौर में इनमें से कई मॉडल अपनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
*डिजिटल “RRR टैलेंट” लॉन्च*
*सफाई नवाचारों को मिलेगा मंच*
कार्यक्रम में इंदौर RRR टैलेंट (डिजिटल) का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया।
इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से शहर में तकनीकी नवाचार,युवा प्रतिभा,क्लीन-ग्रीन प्रोजेक्ट
डिजिटल भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
*स्वच्छ वार्ड रैंकिंग 2025–26* अब हर वार्ड रिपोर्ट करेगा रोजाना नई रैंकिंग प्रणाली में वार्डों को प्रतिदिन डिजिटल पोर्टल पर सफाई रिपोर्ट अपडेट करना होगी
निरीक्षण टीम नियमित विज़िट करेगी नागरिकों से फीडबैक लिया जाएगा वर्ष के अंत में टॉप वार्ड को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र मिलेगा, रैंकिंग का उद्देश्य है इंदौर में हर क्षेत्र को बराबर स्वच्छ बनाना
*महापौर पुष्यमित्र भार्गव,* ने कहा कि इंदौर को फिर नंबर-1 बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। 3.5 वर्ष के कार्यकाल में पार्षदों ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। कुछ काम पूरे हुए, कुछ प्रगति पर हैं, और कई योजनाएँ पाइपलाइन में हैं, हमारा लक्ष्य है कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत किया जाए। यदि हम सभी स्वच्छता के पैरामीटरों का पालन करते हुए उसी तन्मयता से काम करें तो इंदौर को नंबर-1 बनने से कोई नहीं रोक सकता।कुछ लोगों ने झूठे आरोप जरूर लगाए थे, लेकिन हमारा जवाब हमारा काम है।अब हमारी परीक्षा का समय है और इंदौर फिर से देश में स्वच्छता का चैंपियन बनेगा।
*नगर अध्यक्ष (भाजपा) श्री सुमित मिश्रा* ने बताया कि स्वच्छता अभियान में पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। हमारे पार्षद पाँच वर्षों तक रोज़ 17-18 घंटे मेहनत करते हैं,कुछ लोग देश और सेना पर सवाल उठाते हैं, उसी तरह इंदौर की स्वच्छता पर भी प्रश्न खड़े करते हैं। ऐसे लोगों को हमारा असली काम और उपलब्धियाँ ज़रूर दिखानी चाहिए। इंदौर नंबर–1 था, है और मेहनत से आगे भी रहेगा।
आयुक्त क्षितिज सिंघल* ने कहा कि शहर का सम्मान हम सबकी पहचान है, इसे बनाए रखने के लिए अधिकारी, पार्षद और नागरिक सबको एक टीम की तरह काम करना होगा। हर संस्था में चुनौतियाँ होती हैं, वित्तीय प्रबंधन में भी सुधार और नवाचार जरूरी हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण और फाइनेंस दोनों में पार्षदों का सहयोग अहम रहेगा।



