
श्री गोवर्धननाथजी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
राजदरबार मनोरथ में झलकी ब्रज की छटा

इंदौर। फागुन के पवित्र मास में श्री गोवर्धननाथजी मंदिर में इन दिनों भक्ति का अनूठा उल्लास देखने को मिल रहा है। मंदिर का वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो समूचा ब्रज और द्वारिका यहीं उतर आया हो। वैष्णवजन के लिए यह केंद्र श्रद्धा और आनंद का मुख्य धाम बन गया है, जहाँ स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य शहरों से आने वाले भक्त भी प्रभु के दर्शन हेतु उतावले नजर आ रहे हैं।
मंदिर परिसर में बिखरे लाल, पीले, हरे, नीले और गुलाबी अबीर-गुलाल उत्सव संग भक्ति के रंग’ल बन गए हैं, जो हर वर्ग के श्रद्धालु को एक सूत्र में पिरो रहे हैं। महोत्सव के दूसरे दिन सुबह शुभ यज्ञोपवीत के अवसर पर गृह शांति के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके पश्चात शयन समय में प्रभु श्रीगोवर्धननाथजी का राजदरबार मनोरथ भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष श्रृंगार ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजदरबार मनोरथ के संपन्न होने के बाद मंदिर प्रांगण में उत्सव का माहौल और गहरा गया। भक्तों ने पारंपरिक रास-गरबा की देर रात्रि तक भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। ढोल की थाप और भजनों की स्वरलहरियों पर नृत्य करते हुए वैष्णव जनों ने फागुनी आनंद का भरपूर लाभ लिया।
रितेश मंत्री, जयकृष्ण नीमा एवं प्रवीण नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को महोत्सव का तीसरा दिन हैं जिसमें भोग संध्या आरती में छाक मनोरथ के दर्शन होंगे एवं शयन दर्शन उपरांत एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है जिसमें प्रभु भक्ति पर आधारित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मंदिर समिति ने सभी वैष्णव जनों से अनुरोध किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर दर्शन लाभ लें और फागुन के इस अलौकिक उत्सव के सहभागी बनें।



