
*सत्कर्म को पुष्ट करने का माध्यम भागवत कथा है*
*राजेंद्र नगर में साथ दिवसीय भागवत कथा प्रारंभ*
इंदौर। घी का निर्माण भले ही दूध से होता हो लेकिन स्वाद में भिन्नता होती है उसी प्रकार भागवत कथा वेद, उपनिषद, पुराण से कुछ भिन्न हैं। देवता भी भागवत कथा के श्रवण के लिए उत्सुक रहते हैं मनुष्य के सत्कर्म को पुष्ट करने का माध्यम भागवत कथा श्रवण है।
आज राजेंद्र नगर स्थित पाराशर नगर में चल रही साथ दिवसीय भागवत कथा के प्रथम दिवस पर श्री पद्मावती वेंकटेश देवस्थान के युवराज यतींद्राचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं के समक्ष व्यक्त किये ।उन्होंने भागवत का महत्व सुनाते हुए कहा कि देखा जाता है कि इस कलयुग में दुष्ट प्रकृति के मनुष्य सुखी नजर आते हैं लेकिन अंतत उनको भी अपने कर्मों के फलों की प्राप्ति होती ही है । जीव के मन को निर्मल करने का साधन भागवत कथा श्रवण ही है।
मंदिर समिति के मनोहर सोनी, दिनेश अग्रवाल एवं हरिकिशन साबू भॊपूजी ने बताया कि आज सुबह 9:30 बजे से भागवत कथा हेतु शोभायात्रा राजेंद्र नगर हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई जो कथा स्थल श्याम धाम तक पहुंची सैकड़ो की संख्या में महिलाएं लाल चुनरी की साड़ियां ,सर पर कलश रखकर चल रही थी वहीं पुरुष वर्ग धवल वस्त्र पहनकर भागवत गुणगान करते हुए चल रहे थे। कथा स्थल पर पहुंचने पर व्यास पीठ का पूजन किया। लाठी परिवार द्वारा युवराज यतींद्राचार्य का बहुमान किया गया। तत्पश्चात व्यास पीठ पर विराजित हो युवराज ने भागवत कथा का महात्म्य सुनाया। इस अवसर पर संपूर्ण लाठी परिवार, भगवानदास हेडा, अनुराग तिवारी ,ज्योति नागोरी, सरलाहेड़ा सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे ।7 फरवरी को कथा का प्रारंभ पाराशर नगर पर राजेंद्र नगर स्थित पानी की टंकी के पास दोपहर 2:30 बजे से होगा । कथा समाप्ति के पश्चात आरती एवं गोष्टी प्रसाद का वितरण होगा।



