
मित्रता, शौर्य और संस्कृति का संगम :
श्री वैष्णव कॉलेज में वार्षिकोत्सव ‘संकल्प 2026’ भव्यता से संपन्न
इन्दौर। श्री वैष्णव कॉलेज ऑफ आर्ट्स एण्ड कॉमर्स, इन्दौर में महाविद्यालय का वार्षिक उत्सव संकल्प -2026′ अत्यंत गरिमामय एवं भव्य वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की केंद्रीय थीम “मित्रता-युगों का परिचय,शौर्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।
मित्रता थीम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने हरि हर मिलन, श्रीराम निषादराज, श्रीकृष्ण सुदामा, तथा छत्रपति संभाजी महाराज एवं कवि कलश की ऐतिहासिक मित्रता को नाट्य एवं नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। उपस्थित विद्यार्थियों एवं दर्शकों ने सराहा।
ऑपरेशन सिंदूर एवं झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित प्रस्तुतियों में शौर्य, बलिदान एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त रूप से दर्शाया गया। कार्यक्रम में बॉलीवुड गीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियाँ, आकर्षक फैशन शो तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में वर्ष भर विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण – पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। दीपक किशोर डी जी एम सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट हेड की गरिमामयी उपस्थिति रही।
श्रीमती मालिनी गौड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अतिथि दीपक किशोर ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि मित्रता, अनुशासन, टीम-वर्क एवं मानवीय मूल्य ही सफलता की सच्ची पहचान हैं। ऐसे मंच विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. परितोष अवस्थी ने अपने संबोधन में संस्था की वर्ष भर की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों की जानकारी दी।
शासकिय निकाय के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने स्वागत भाषण में महाविद्यालय की शिक्षण परंपरा एवं मूल्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. विभोर ऐरन द्वारा किया गया। अंत में सचिव महेश चिमनानी ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ विकास बक्षी, डॉ. मनदीप कौर, डॉ. मनीष दुबे एवं डॉ. राकेश उपाध्याय रहे। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. वंदना मिश्र थी।



