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इंदौर में अंगदान को जन–आंदोलन बनाने की पहल

मिताशा फाउंडेशन के नेतृत्व में “संकल्प 1,00,000 – अंगदान से जीवनदान”

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*इंदौर में अंगदान को जन–आंदोलन बनाने की पहल*

मिताशा फाउंडेशन के नेतृत्व में “संकल्प 1,00,000 – अंगदान से जीवनदान”

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इंदौर में अंगदान को एक संगठित जन–आंदोलन का रूप देने की दिशा में मिताशा फाउंडेशन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। मिताशा फाउंडेशन के संस्थापक आलोक सिंगी के नेतृत्व में, सांसद सेवा संकल्प के सहयोग से शहर में एक लाख नागरिकों को अंगदान की शपथ दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य को लेकर बुधवार को AICTSL परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक संस्थाएं, औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। देश की 140 करोड़ से अधिक आबादी के बावजूद, अब तक पूरे भारत में केवल लगभग 4.5 लाख लोगों ने ही अंगदान का संकल्प लिया है। वहीं इंदौर जैसे जागरूक और अग्रणी शहर में यह संख्या साढ़े तीन हजार से भी कम है। इस गंभीर अंतर को पाटने और इंदौर को अंगदान के क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता शहर बनाने के संकल्प के साथ मिताशा फाउंडेशन ने इस अभियान की शुरुआत की है।

इस अवसर पर मिताशा फाउंडेशन के संस्थापक आलोक सिंगी ने कहा कि “अंगदान केवल एक निर्णय नहीं, बल्कि जीवन के बाद भी जीवन देने का साहसिक संकल्प है। इंदौर ने स्वच्छता में जो इतिहास रचा है, वही जज्बा अब अंगदान जैसे संवेदनशील और मानवीय विषय पर भी दिखाने का समय है। ‘संकल्प 1,00,000 – अंगदान से जीवनदान’ केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीद है।”

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शपथ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के मन में अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, वैज्ञानिक तथ्यों को सरल भाषा में समझाना और परिवारों को विश्वास में लेना मिताशा फाउंडेशन की प्राथमिकता होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौरवासी इस पुनीत प्रयास को अपना अभियान बनाएंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि अंगदान सही मायनों में जीवनदान है। उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति में मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व है और इसी पावन अवसर पर इंदौर में एक लाख लोगों को अंगदान की शपथ दिलाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी लगातार अंगदान के लिए देशवासियों को प्रेरित करते रहे हैं और उसी प्रेरणा को धरातल पर उतारने का कार्य इंदौर में किया जा रहा है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 18 जनवरी को इंदौर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान अंगदान को लेकर एक व्यापक जन–जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए एमपीसीए, बीसीसीआई और आईसीसी से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त हो चुकी हैं। इस मंच के माध्यम से देश–विदेश के लाखों दर्शकों तक अंगदान का संदेश पहुंचाने की योजना है।

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि मिताशा फाउंडेशन के नेतृत्व में यह अभियान शहर–शहर, संस्था–संस्था और व्यक्ति–व्यक्ति तक पहुंचेगा, ताकि अंगदान को एक सामान्य, स्वीकृत और गौरवपूर्ण सामाजिक दायित्व के रूप में स्थापित किया जा सके।

बैठक में पूर्व डीन डॉ. संजय दीक्षित, सेंट्रल लैब से डॉ. विनीता कोठारी, समाजसेवी माला ठाकुर सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने मिताशा फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया।

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