फूल महल में आज प्रभु वैकुंठनाथ वेंकटेश बालाजी के दर्शन
पद्मावती वेंकटेश देव स्थान पर ब्रह्मोउत्सव

सजा वैकुंठनाथ का फूल महल*
*गोदा रंगनाथ विवाह उत्सव , रथ यात्रा११जनवरी को*
*मेहंदी के गीत गाए, गोदम्बा जी को हल्दी लगाई गई*
इंदौर। उत्सव के द्वितीय दिवस पर विशाल दरवाजों से सजे फूल महल में आज प्रभु वैकुंठनाथ वेंकटेश बालाजी के दर्शन हुए।
मंदिर समिति के हरिकिशन साबू भोपू दिनेश अग्रवाल एवं श्यामा मोहन लड्ढा ने बताया कि श्री पद्मावती वेंकटेश देव स्थान पर ब्रह्मोउत्सव में आज फूल बंगला सजाया गया जिसमे जरी के कपड़ों एवं लकड़ी के स्ट्रक्चर पर फूल महल का निर्माण किया गयाजिसमें मोगरा ,गेंदा, गुलाब ,जूही ,कुंद जरबेरा ,आर्केड सहित 300 किलो से अधिक फूलों का प्रयोग किया गया छत पर फूलों की सुंदर झालर एवं खंभों पर फूलों का सुंदर कार्य देखते ही बन पड़ा था। इस बार श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था निज मंदिर में बीच में से की गई थी आसपास सुंदर पुष्पों से श्रृंगार किया गया था । चारों तरफ आकर्षक फूलों की रंगोली भी बनाई गई थी।फूलों के साथ में केल के तनो पर का सुंदर वर्क भी दिखाई दे रहा था।
मंदिर समिति के बंशीधर जी सोमानी ,नारायण मालानी,एवं सुभद्राबाई साबू ने बताया कि स्वामी जी श्री केशवाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में मनोज सोमानी महेश जी चानी अनिल सुनील जी बाहेती टीकम चंद जी गर्ग विष्णु जी बिंदल केदारमल जाखेटिया, कश्यप परिवार एवं पोद्दार परिवार द्वारा भगवान का पूजन अर्चन किया गया तत्पश्चात फूल बंगले के दर्शन खोले गए। दर्शन के दौरान भजन गायक राम हुरकट ने देर रात तक भजनों की प्रस्तुति से सबका मन मोहा इस अवसर पर दर्शन व्यवस्था. का कार्य केशव मित्र मंडल ,संजय चौहान, मदन जी बंग, दिलीप वाणी ,राजेंद्र मंत्री ने संभाला।
११ जनवरी को होने वाले गोदा रंगनाथ विवाह उत्सव के पूर्व आज दोपहर से ही मंदिर में मेहंदी के गीत गाये गए। गोदा महारानी को हल्दी भी लगाई गई। आओ सखियों मुझे मेहंदी लगा दो, गोदाजी संग रंग जी ब्याव रचाया, श्रीरंगम से आई रेल जा में आया बताशा गोदाजी के विवाह में सब करे तमाशा जैसे गीत साधना साबू राजेश्वरी मालानी संगीता बाबरेचा सविता जाजू तारामणि समदानी एवं सखियां गा रही थी।
सुबह 11:00 बजे से११जनवरी को गोदा रंगनाथ विवाह उत्सव मनाया जावेगा
मंदिर समिति के नितिन तापड़िया ने बताया की सायंकाल 5:00 भगवान श्री वेंकटेश की रथयात्रा लाव लश्कर के साथ मंदिर परिसर से निकलेगी एवं अंबिकापुरी 60 फीट रोड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी।



