
द्वारकापुरी शीतलनाथ जैन मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में कांधे पर पालकियों में विराजित प्रतिमाओं को लेकर नाचते-गाते चले समाजबंधु
डेढ़ किलोमीटर लंबे जुलूस ने बनाया कीर्तिमान-जैनाचार्यों सहित 50 से अधिक साधु-साध्वी भगवंत हुए शामिल, आज होगी बड़ी दीक्षा
इंदौर,। द्वारकापुरी स्थित शीतलनाथ जैन मंदिर पर भगवान शंखेश्वर पार्श्वनाथ, नाकोड़ा भैरव देव, भौमियाजी एवं मालवा विभूषण आचार्य वीररत्न सूरीश्वर म.सा. की दिव्य प्रतिमाओं का वरघोडा गुरुवार सुबह फूटी कोठी चौराहा स्थित बालाजी गार्डन से पूरे जोश, उमंग और उल्लास के साथ भगवान के जयघोष एवं नाचते-गाते समाज बंधुओं के अभूतपूर्व उत्साह के बीच गुमास्ता नगर होते हुए जब द्वारकापुरी स्थित मंदिर पहुंचा तो समूचा क्षेत्र भगवान एवं जैनाचार्यों के जयघोष से गूंज उठा। द्वारकापुरी क्षेत्र में पहली बार डेढ़ किलोमीटर लम्बा भव्य जुलूस निकला जिसमें 7 से लेकर 70 वर्ष तक के समाजबन्धु शामिल हुए। जैनाचार्य प.पू. आचार्य श्रीमद विजय पद्मभूषणरत्न सूरीश्वर, आचार्य श्रीमद विजय जिन सुंदर सूरीश्वर, आचार्य श्रीमद विजय धर्मबोधि सूरीश्वर म.सा. के साथ 50 से अधिक साधु-साध्वी-भगवंतों का संघ भी इस भव्य वरघोडे में शामिल रहा।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय नाहर, उपाध्यक्ष सुशील कुकड़ा, सचिव चेतन भंडारी एवं अजय जैन ने बताया कि बालाजी गार्डन से बैंड-बाजों और परंपरागत वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच परंपरागत परिधान में सजे-धजे करीब 5 हजार समाजबन्धुओं ने शीत लहर को मात देते हुए इस जुलूस में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। विभिन्न श्रृंगारित पालकियों में भगवान शंखेश्वर पार्श्वनाथ, नाकोड़ा भैरव देव, भौमियाजी एवं मालवा विभूषण आचार्य वीररत्न सूरीश्वर म.सा. की दिव्य प्रतिमाएं समाजबंधु कांधे पर लेकर चल रहे थे। नाचते-गाते महिलाओं का समूह और अलग-अलग संघों से आए समाजबंधुओं के समूह मिलकर भगवान का जयघोष तो कर ही रहे थे, भजनों पर नाचते-गाते हुए अपनी खुशियाँ भी व्यक्त कर रहे थे। जुलूस में मंदिर परिवार से जुड़े अमृत मूणत, सतीश जैन, अजय जैन, समता जैन, नितिन बाबेल, विशाल तितलिया, जितेन्द्र मुराद, रितेश सेखावत एवं वर्धमान मूथा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु व्यवस्थाएं संभाले रहे। द्वारकापुरी मंदिर पहुँचने पर दोपहर 12.39 बजे अभिजीत मुहूर्त में आचार्यों की पावन निश्रा में विधिकारक अरविन्द चौरड़िया के निर्देशन में अठारह अभिषेक महापूजन के बाद दोपहर में महाचौबीसी एवं मेहँदी वितरण तथा शाम को भक्ति संगीत के आयोजन मंदिर परिसर में संपन्न हुए, जिसमें राखेचा परिवार सारंगपुर, तांतेड परिवार कुक्षी, पुणे, इंदौर, सोलंकी परिवार, संचेती, सोनी, मेहता, व्होरा, देवड़ा परिवार, कोठीफोडा परिवार, मेहता परिवार, सिरोलिया परिवार, बाफना परिवार, मोदी परिवार, चोरड़िया, मेहता एवं नाहर परिवार, जैन परिवार, गुंदेचा-मेहता परिवार ने लाभार्थी के रूप में पुण्यलाभ उठाया। शाम को जयपुर के प्रसिद्द गीतकार राजीव विजयवर्गीय और उनकी टीम ने देर रात तक हजारों समाजबंधुओं को बांधे रखा।
आज बड़ी दीक्षा, कल प्राण-प्रतिष्ठा –मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय नाहर, उपाध्यक्ष सुशील कुकड़ा, सचिव चेतन भंडारी एवं अजय जैन ने बताया कि शुक्रवार 5 दिसम्बर को सुबह 5.15 बजे से नूतन मुनिराज कलश पुण्यविजय म.सा. की बड़ी दीक्षा का महोत्सव शुरू होगा। दोपहर 12.39 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर परिसर में गुरु मूर्ति और देव प्रतिष्ठा के आयोजन होंगे। भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव बालाजी गार्डन पर सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। शनिवार 6 दिसम्बर को सुबह 6.30 बजे द्वारोदघाटन के बाद 8.30 बजे नवकारसी और सुबह 9 बजे भव्यती-भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न होगा। इस समूचे अनुष्ठान में विधिकारक अरविन्द चोरड़िया शास्त्रोक्त विधि विधान से सभी क्रियाएँ संपन्न कराएँगे। भक्ति संगीत की बागडोर मोहनखेड़ा वाले देवेश जैन, जयपुर के राजीव विजयवर्गीय एवं अन्य



