
– हजारों भक्तों ने किए स्नान यात्रा के दर्शन
इंदौर, । निपानिया स्थित राधा गोविंद मंदिर पर अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के तत्वावधान में आषाढ़ पूर्णिमा के उपलक्ष्य में हजारों भक्तों की मौजूदगी में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं भाई बलभद्र के बाल विग्रह की स्नान यात्रा निकाली गई। इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष स्वामी महामनदास के सानिध्य में जगन्नाथपुरी की तर्ज पर मंदिर परिसर में भजन-संकीर्तन के साथ मंदिर परिसर में यात्रा निकालकर दूध, दही, घी, शहद और केशर तथा आमरस और 12 प्रकार के अन्य फलों के रसों से अभिषेक किया गया। भगवान को 108 कलशों से स्नान कराया गया।
इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा प्रभारी हरि अग्रवाल, संयोजक किशोर गोयल एवं शैलेन्द्र मित्तल ने बताया कि जगन्नाथपुरी स्थित प्रमुख मंदिर पर प्रतिवर्ष आषाढ़ पूर्णिमा पर बहुत उत्साह के साथ स्नान यात्रा का आयोजन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का प्राकट्य इसी दिन हुआ था। इसीलिए इस्क़ॉन के सभी मंदिरों में आषाढ़ पूर्णिमा पर यह परंपरा निभाई जाती है। स्नान कराने से भगवान को ठंड लगकर बुखार आ जाता है और वैद्यराज द्वारा पुष्टि के बाद उन्हें 15 दिनों तक विश्राम की सलाह दी जाती है। विश्राम के बाद भगवान अपने भाई-बहनों के साथ रथ में सवार होकर अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए भ्रमण पर निकलते हैं। इंदौर में यह भ्रमण रथयात्रा 7 जुलाई को विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम से प्रारंभ होकर राजबाड़ा स्थित गोपाल मंदिर तक निकाली जाएगी। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक समाजसेवी पी.डी. अग्रवाल, अशोक गोयल, विशाल प्रभु, अच्युतगोपाल प्रभु, गिरधर गोपालप्रभु, अधिधरण प्रभु, प्राणेश्वर प्रभु, कृष्णार्चन प्रभु, राधे मोहन प्रभु आदि ने भी अभिषेक में भाग लिया। स्वामी महामनदास ने स्नान यात्रा की महत्त बताई। इस अवसर पर भगवान को 56 भोग भी समर्पित किए गए।



