
*मंत्राक्ष से हम स्वस्थ एवं समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ते हैं: मुनिश्री आदित्य सागर*
• मंत्राक्ष ध्यान शिविर के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब,
• मुनिश्री ने दिए मानसिक एवं शारीरिक विकास के बीज मंत्र
• मानसिक और शारीरिक विकास पर केंद्रित रही साधना
• युवाओं और जिज्ञासुओं में दिखा भारी उत्साह
• रविवार को होगा शिविर का समापन: जुड़ने का अंतिम अवसर

*इंदौर* : नरसिंह वाटिका में आयोजित तीन दिवसीय ‘मंत्राक्ष ध्यान शिविर’ के दूसरे दिन शनिवार को साधना का अनूठा उत्साह देखने को मिला। परम पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस शिविर में प्रातः कालीन सामूहिक मंत्र साधना के दौरान साधकों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर इस वातावरण में हर वर्ग और हर उम्र के साधकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
*शिविर के दूसरे दिन मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ने एक साधक के जवाब में कहा कि* “मंत्राक्ष के माध्यम से हम स्वस्थ एवं समृद्ध भविष्य की ओर आगे बढ़ते हैं।” उन्होंने विशेष रूप से मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए अमूल्य ‘बीजाक्षर’ प्रदान किए। मुनिश्री ने बताया कि इन अक्षरों और मंत्रों का सही उच्चारण न केवल एकाग्रता बढ़ाता है, बल्कि शरीर की आंतरिक ऊर्जा को भी जागृत करता है।
शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों को लेकर साधकों, विशेषकर युवाओं में काफी उत्सुकता नजर आई। दिनभर चले अलग-अलग सत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जिज्ञासु जन मौजूद रहे। मंत्र साधना के साथ-साथ मुनिश्री ने जीवन प्रबंधन और तनाव मुक्ति के सरल सूत्र भी साझा किए, जिससे साधक काफी प्रभावित दिखे।
तीन दिवसीय इस आध्यात्मिक महाकुंभ का रविवार 29 मार्च को अंतिम दिन है। आयोजकों ने बताया कि जो लोग अब तक इस शिविर का लाभ नहीं ले पाए हैं, उनके पास मंत्राक्ष से जुड़ने का यह आखिरी मौका होगा। रविवार को भी प्रातः 5:15 बजे से मंत्र और अक्षरों के मिलन के माध्यम से आत्म – साधना की गहन यात्रा कराई जाएगी।
रविवार को शिविर के अंतिम दिन विशेष सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मंत्र दीक्षा और पूर्णाहुति की मुख्य क्रियाएं संपन्न होंगी।



