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पूर्वोत्तर संस्कृति का दर्शनीय कार्यक्रम – “ऑक्टेव”-2025, इंदौर, मध्य प्रदेश में होगा आयोजित

शिल्प कला मेला 22 दिसंबर से शुरू

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पूर्वोत्तर संस्कृति का दर्शनीय कार्यक्रम – “ऑक्टेव”-2025, इंदौर, मध्य प्रदेश में होगा आयोजित

पूर्वोत्तर राज्यों के लोक नृत्यों की होगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां 25 से

• शिल्प कला मेला 22 दिसंबर से शुरू

दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं लोक संस्कृति मंच के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर, मध्य प्रदेश में दिनांक 22 से 27 दिसंबर 2025 तक भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति (नृत्य, शिल्प) का कार्यक्रम ‘ऑक्टेव’ आयोजित किया जा रहा है|

ऑक्टेव – फेस्टिवल ऑफ द नॉर्थ ईस्ट’ की शुरुआत भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र के कलाकारों और शिल्पकारों को उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इस क्षेत्र में आठ राज्य शामिल हैं – असम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और सिक्किम – इसीलिए इसका नाम ऑक्टेव रखा गया है ।

आस्था गोडबोले कार्लेकर एवं शंकर लालवानी ने बताया कि पहला ऑक्टेव मार्च 2006 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। तब से, प्रतिवर्ष ऑक्टेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है|

दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत स्थापित एवं कार्यरत सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों में से एक है, जिसका मुख्यालय नागपुर में है| महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश एवं कर्नाटक राज्य इस केंद्र के सदस्य राज्य है|

ऑक्टेव – पूर्वोत्तर के आठ राज्य, क्रमशः असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम एवं त्रिपुरा की पारंपरिक संस्कृति के प्रोत्साहन, संवर्धन हेतु संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ऑक्टेव कार्यक्रम का आयोजन समूचे देश में विभिन्न स्थलों पर किया जाता है| इस दरम्यान में दिनांक 22 से 27 दिसंबर 2025 तक लालबाग प्रांगण, इंदौर, मध्य प्रदेश मे यह आयोजन आयोजित किया जा रहा है|

इस आयोजन में दिनांक 25 से 27 दिसंबर 2025 को पूर्वोत्तर राज्यों के लगभग 250 से अधिक कलाकार उपरोक्त राज्यों के सांस्कृतिक नृत्यों की मंचीय प्रस्तुति देंगे, इसके अलावा दिनांक 22 से 27 दिसंबर 2025 को मेला क्षेत्र में पूर्वोत्तर के आकर्षक एवं उपयोगी हस्तशिल्पों के स्टॉल भी लगाये जायेंगे| जो बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगे|

मंचीय प्रस्तुतियां सायं 7.00 बजे से रात्रि 9.30 तक रहेगी| मेला की अवधि दोपहर 4 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक रहेगी|

इंदौर शहर मे प्रथम बार आयोजित इस भव्य समारोह मे ज्यादा से ज्यादा संख्या मे उपस्थित रहकर इसका आनंद ले| ऐसा आवाहन दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर की निदेशक श्रीमती आस्था कार्लेकर एवं इंदौर के लोकप्रिय सांसद शंकर लालवानी द्वारा किया गया है| कार्यक्रम नि:शुल्क है| आप सभी आमंत्रित है|

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