
*रैम्प योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के एमएसएमई प्रतिनिधिमंडल का गेहूं प्रसंस्करण पर एक्सपोज़र विज़िट सह प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु सीएफटीआरआई, मैसूरु का दौरा*
मध्य प्रदेश के गेहूं प्रसंस्करण एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े 24 एमएसएमई प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल 21 से 25 दिसंबर 2025 तक केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CFTRI), मैसूरु में एक्सपोज़र विज़िट सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहा है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई मंत्रालय) की रैम्प (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसे विश्व बैंक का सहयोग प्राप्त है।
मध्य प्रदेश में रैम्प योजना के क्रियान्वयन हेतु नोडल एजेंसी मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम (MPLUN) है, जो एमएसएमई विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के अंतर्गत कार्यरत है। इस कार्यक्रम को पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सुगम बनाया जा रहा है।
इंदौर से बेंगलुरु हवाई मार्ग से यात्रा करेगा, तत्पश्चात सड़क मार्ग द्वारा मैसूरु पहुँचेगा। प्रतिनिधिमंडल की वापसी 25 दिसंबर 2025 को निर्धारित है।
इस एक्सपोज़र विज़िट सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य गेहूं आधारित खाद्य प्रसंस्करण में संलग्न एमएसएमई इकाइयों की तकनीकी जानकारी, प्रसंस्करण दक्षता, गुणवत्ता मानकों तथा नवाचार क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। सीएसआईआर के अंतर्गत कार्यरत भारत के प्रमुख खाद्य अनुसंधान संस्थानों में से एक, सीएफटीआरआई, मैसूरु, प्रतिभागी एमएसएमई को उन्नत खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों, अनुसंधान एवं विकास (R&D) पद्धतियों तथा व्यावसायीकरण के मार्गों से अवगत करा रहा है।
दौरे के दौरान एमएसएमई प्रतिनिधि निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण एवं जानकारी प्राप्त कर रहे हैं:
• गेहूं प्रसंस्करण तकनीकें, जिनमें सफाई, ग्रेडिंग, मिलिंग, फोर्टिफिकेशन एवं मूल्य संवर्धित गेहूं उत्पाद शामिल हैं
• आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण मशीनरी एवं पायलट प्लांट, विशेष रूप से आटा मिलिंग एवं गेहूं आधारित उत्पादों से संबंधित
• गुणवत्ता नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा एवं मानकीकरण प्रक्रियाएं, जिनमें एफएसएसएआई अनुपालन, शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की तकनीकें एवं पैकेजिंग समाधान शामिल हैं
• उत्पाद विकास एवं प्रक्रिया अनुकूलन, जिससे दक्षता में वृद्धि, अपव्यय में कमी तथा पोषण मूल्य में सुधार किया जा सके
• प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तंत्र, इनक्यूबेशन सुविधाएं तथा उद्योग–अनुसंधान सहयोग के अवसर
• वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद, जिससे तकनीकी मार्गदर्शन एवं भविष्य में सहयोग प्राप्त हो सके
यह एक्सपोज़र विज़िट सह प्रशिक्षण कार्यक्रम एमएसएमई इकाइयों को उन्नत गेहूं प्रसंस्करण तकनीकों की प्रत्यक्ष जानकारी, उत्पाद विविधीकरण एवं प्रक्रिया उन्नयन के अवसरों की पहचान, तथा अनुसंधान संस्थानों एवं प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ संपर्क सुदृढ़ करने में सक्षम बना रहा है। यह पहल विश्व बैंक समर्थित रैम्प योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के गेहूं प्रसंस्करण एमएसएमई क्षेत्र के आधुनिकीकरण, प्रतिस्पर्धात्मकता एवं सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।



