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नगर वन से मिलेगी शहर को नई पहचान 50 हेक्टेयर में लगाए गए पौधे आने वाले समय बनेगा पिकनिक स्टॉप

- धार,
प्रिंट मीडिया में 08 फरवरी 2026 को प्रकाशित समाचार “आठ हजार पौधों से ज्यादा सड़क-गेट निर्माण पर खर्च, पौधों को पानी देना भूले, नतीजा–60 प्रतिशत पौधे सूखे” के संबंध में वन मंडलाधिकारी धार के निर्देशन में उप वन मंडल अधिकारी, सरदारपुर द्वारा जांच की गई। जांच में वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है। नगर वन अंतर्गत कार्यों का शुभारंभ नवंबर 2023 में किया गया, जिसमें प्रथम वर्ष क्षेत्र तैयारी कार्य किए गए। पौधारोपण का कार्य वर्षा ऋतु में जून–जुलाई 2024 में किया गया। प्रवेश द्वार, सड़क एवं अन्य निर्माण कार्य स्वीकृत प्रोजेक्ट के अनुसार कराए गए हैं। वर्ष 2024–25 में टैंकर से पौधों की नियमित सिंचाई की गई। वर्ष 2025–26 में 15 जनवरी 2026 को 25 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। आगामी ग्रीष्मकाल में पौधों की सिंचाई विद्युत मोटर द्वारा पाइपलाइन से की जाएगी।
नगर वन उद्यान अंतर्गत प्रस्तावित बजट से परियोजना में सम्मिलित कार्यों हेतु राशि का उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में रोज गार्डन, कैक्टस गार्डन, बांस वन, पामेटम, बटरफ्लाई पार्क एवं बाल उद्यान जैसे कार्य नगर वन योजना अंतर्गत किए जा रहे हैं। परियोजना 5 वर्षीय है, जिसका वर्तमान में तृतीय वर्ष चल रहा है। आगामी दो वर्षों में सुरक्षा एवं समय पर किए जाने वाले तकनीकी कार्य सीमित राशि में ही कराए जाएंगे। इस पंचवर्षीय योजना का कुल स्वीकृत बजट ₹2 करोड़ है।
वर्ष 2024 में सामूहिक वृक्षारोपण के दौरान जन जागरूकता के उद्देश्य से मुख्य अतिथियों से पौधारोपण कराया गया था, जिनकी स्मृति स्वरूप केवल 10 ट्री गार्ड लगाए गए। पिकनिक स्पॉट विकास अंतर्गत प्रदर्शनी भवन, 1.5 किमी लंबी नेचर ट्रेल, संस्कृति भवन, वाहनों हेतु 2 पार्किंग स्थल, 4 किमी से अधिक आंतरिक मार्ग, बैठने हेतु सीटिंग एरिया, सुरक्षा कर्मियों हेतु 3 चौकीदार हट, 2 टिकट घर, दोनों ओर 2 भव्य गेट, 1 वॉच टावर/व्यू प्वाइंट सहित अन्य आवश्यक कार्य कराए गए हैं।
फेंसिंग कार्य वर्ष 2023 में पूर्ण हो चुका है। क्षेत्र में वन्यप्राणियों की बहुलता है, जिसमें नीलगाय (घोड़ारोज) की संख्या अधिक है। नीलगाय फेंसिंग को कूदकर भीतर आ जाती है, जिससे पौधों की कोमल पत्तियों एवं टहनियों को नुकसान पहुंचता है। इससे पौधों की वृद्धि धीमी होती है, किंतु पौधे नष्ट नहीं होते। वर्तमान में क्षेत्र में 70 प्रतिशत से अधिक पौधे जीवित हैं। शेष 30 प्रतिशत मृत पौधों का कैजुअल्टी रिप्लेसमेंट आगामी वर्षा ऋतु में किया जाएगा।
समाचार में प्रदर्शित फोटोग्राफ वर्तमान स्थिति के नहीं होकर गूगल द्वारा ली गई सैटेलाइट इमेज पर आधारित प्रतीत होते हैं। फोटोग्राफ ऊंचाई से लिए गए हैं, जिससे पौधों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, जबकि वर्तमान में क्षेत्र में पत्तझड़ का मौसम चल रहा है। उक्त फोटोग्राफ में दर्शाया गया है कि पहाड़ी क्षेत्र में 8000 पौधे लगाए गए हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि पहाड़ी के ऊपरी भाग पर 1620 पौधों का रोपण किया गया है तथा शेष 6480 पौधे लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न समतल स्थानों पर लगाए गए हैं।



