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गुलाब के 3200 किस्म के फूलों ने शहर के 30 हजार से अधिक दर्शकों पर चलाया जादू

विजेताओं को दिए गए पुरस्कार, गाँधी हॉल में दिनभर लगी रही हर आयु वर्ग के पुष्प प्रेमियों की कतारें 

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गुलाब के 3200 किस्म के फूलों ने शहर के 30 हजार से अधिक दर्शकों पर चलाया जादू

विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को दिए गए पुरस्कार, गाँधी हॉल में दिनभर लगी रही हर आयु वर्ग के पुष्प प्रेमियों की कतारें

इंदौर,।। गुलाब के 3200 किस्म के रंगबिरंगे फूलों तथा 272 मौसमी फूलों की सुगंध से सरोबार शहर के गाँधी हॉल में रविवार को दिनभर गुलाब और पुष्प प्रेमियों का मेला जुटा रहा। दर्शकों पर इन फूलों का जादू इस कदर परवान चढ़ा कि समापन बेला तक लगभग 30 हजार दर्शकों ने प्रकृति के इन अनमोल उपहारों को देखा, छुआ और अपने-अपने मोबाइल कैमरों में कैद भी किया। रविवार होने से आज सुबह से ही पुष्प प्रेमियों की कतारें लगना शुरू हो गई थी, जिनमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग से लेकर हर आयु वर्ग के दर्शक शामिल थे। संध्या को सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के अभिभाषक और गुलाब विशेषज्ञ राहुल कुमार एवं श्रीमती निशा बिदासरिया के आतिथ्य में गुलाब प्रदर्शनी के दौरान हुई विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। सुबह स्कूली बच्चों के लिए आयोजित गुलाब पर केन्द्रित चित्रकला स्पर्धा में भी करीब 300 बच्चों ने अपनी नन्ही तूलिकाएं चलाई और पुरस्कार प्राप्त किए। अनेक विशिष्टजनों ने भी गाँधी हॉल पहुंचकर पूरी दिलचस्पी से इस प्रदर्शनी को निहारा और आयोजकों को बधाइयाँ दीं।

मालवा रोज सोसायटी के संरक्षक डॉ. देव पाटोदी, अध्यक्ष बी.के. सारस्वत एवं सचिव डॉ. अरूण सराफ ने बताया कि गांधी हॉल में शनिवार से प्रारंभ इस प्रदर्शनी में 400 से अधिक किस्मों के 3200 गुलाब प्रदर्शित किए गए। गुलाब कुल 9 रंगों के होते हैं और ये सभी रंग यहां नजर आए। कल रात तक 10 हजार और आज सुबह से रात 10 बजे तक 20 हजार से अधिक दर्शकों ने इस प्रदर्शनी को निहारा। शहर के अनेक प्रबुद्धजनों, गुलाब प्रेमियों ने जी भरकर इन पलों का आनंद लिया। शहर के अलावा आसपास के पुष्प प्रेमियों को इस गुलाब प्रदर्शनी ने इस कदर आकर्षित किया कि सुबह से रात तक कई बार कतारें लगाना पड़ी। पुरस्कार वितरण समारोह में सोसायटी की ओर से डॉ. डीके तनेजा, सुनील खंडेलवाल, जे.सी. शर्मा, पुष्पा जैन, महेश बंसल, नीलम तापड़िया, पद्मा कालानी आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।

विजेताओं को किया पुरस्कृत – शाम को पुरस्कार वितरण समारोह में अतिथियों ने निर्णायक मंडल द्वारा दिए गए नतीजों के आधार पर किंग ऑफ़ द शो का ख़िताब एचटी किस्म के फोल्कोर किस्म के गुलाब को दिया गया जो पीथमपुर की ब्रिजस्टोन कम्पनी के उद्यान का है। इसी तरह क्वीन ऑफ़ द शो का पुरस्कार फ्लोरीबंडा किस्म के वेलेंटाइन गुलाब को दिया गया जो एलएनटी पीथमपुर का है। प्रिंस ऑफ़ द शो का पुरस्कार पोलिएन्था किस्म के ल्यूटिन गुलाब को दिया गया जो रीना शर्मा के बगीचे का है। प्रिंसेस ऑफ़ द शो के लिए मिनिएचर किस्म के स्कारलेट चार्म गुलाब का चयन किया गया जो पीथमपुर की एलएनटी के बगीचे का है। बेस्ट रेड गुलाब के लिए एचटी किस्म के कार्डिनल गुलाब का चयन किया गया जो ब्रिजस्टोन कम्पनी पीथमपुर का है। बेस्ट सुगन्धित गुलाब के लिए एचटी किस्म के फ्लेग्रेंट प्लम के गुलाब को चुना गया जो ब्रिजस्टोन के बगीचे का है। बेस्ट बहुरंगी गुलाब का ख़िताब पैराडाइस किस्म के कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल (ईएसआईसी) नंदानगर परिसर के उद्यान को दिया गया। बेस्ट धारीदार गुलाब के लिए पीलाटीला किस्म के गुलाब को चुना गया और यह भी ब्रिजस्टोन के बगीचे का था। बेस्ट सफ़ेद गुलाब के लिए व्हाइट सक्सेस किस्म के गुलाब को पुरस्कृत किया गया और यह भी ब्रिजस्टोन के ही बगीचे का था। बेस्ट भारतीय गुलाब का ख़िताब बंजारन किस्म के गुलाब को मिला जो रीना शर्मा के बगीचे का था। इसी तरह बेस्ट पिंक के लिए पीटर फ्रेंकन फील्ड गुलाब का चयन किया गया जो उषा कमल के उद्यान का था। बेस्ट पीला गुलाब के लिए रीना शर्मा के उद्यान के गोल्ड मैडल का चयन किया गया और बेस्ट नारंगी गुलाब के लिए टेंगेरिन गुलाब का चयन किया गया जो शिखर तुंडले के उद्यान का था।

चित्रकला स्पर्धा के विजेता बच्चे भी पुरस्कृत – इन सभी विजेताओं के साथ उन स्कूली बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया, जो आज सुबह आयोजित गुलाब पर केन्द्रित चित्रकला स्पर्धा में विजेता बने। दसवीं-ग्यारहवीं के समूह में साकीना रेशमवाला प्रथम, पांचवीं से नौंवी कक्षा में कपिल साठे प्रथम, आयशा खान द्वितीय एवं संस्कृति भाट तृतीय, पहली से चौथी कक्षा के वर्ग में लायना द्विवेदी प्रथम, निशिता हंसराज द्वितीय एवं भव्या होलकर तृतीय विजेता रहीं। केजी वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों में शनाय पोद्दार प्रथम, दिशिता यादव द्वितीय एवं केशव लाड तृतीय विजेता घोषित किए गए। निर्णायक मंडल के डॉ. डीके मिश्रा, राहुल खंडेलवाल, जेसी शर्मा, श्रीमती पुष्पा जैन, श्रीमती रीना शर्मा, श्रीमती शिंदे, रामेश्वर पाटीदार एवं मयंक मिश्रा भी इस अवसर पर उपस्थित थे जिन्हें सोसाइटी की ओर से स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस बार संस्थागत 24 एवं व्यक्तिगत 22 उद्यानों ने इन स्पर्धाओं में अपनी भागीदारी दर्ज कराई और पुरस्कार भी हासिल किए।

गुलाब के लालन-पालन पर हुई कार्यशाला – रविवार को दोपहर में दिल्ली से आए गुलाब विशेषज्ञ और सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता राहुल कुमार ने शहर के गुलाब प्रेमियों को अनेक महत्वपूर्ण लेकिन आसान टिप्स देकर बताया कि गुलाब के पौधों को कब, कैसे और कहां अत्यधिक पुष्प देने वाला बनाया जा सकता है। उन्होंने गुलाब से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए और गुलाब के फूलों को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रखने के उपाय भी बताए। कार्यशाला में आए राहुल कुमार को सैकड़ो गुलाब प्रेमियों ने पूरी तन्मयता से सुना। अतिथि का स्वागत डॉ. देव पाटोदी, बी.के. सारस्वत, अरुण सराफ, सुनील खंडेलवाल आदि ने किया। अंत में आभार माना सचिव डॉ. अरुण सराफ ने।   बागवानी के स्टॉल भी – गुलाब मेले के साथ आम नागरिकों के लिए आज भी प्रदर्शनी स्थल पर बागवानी से संबंधित सामग्री, गुलाब के पौधे, बीज, गमले, जैविक खाद, फूलों के पौधे, नर्सरी, बालकनियों में टांगने के लिए झूलते गमले, कृषि उपकरण सहित अनेक स्टॉल लगाए गए थे। पूरे दिन इन स्टाल्स पर गुलाब एवं बागवानी प्रेमियों की भीड़ उमड़ती रही। गुलाब प्रेमियों ने सपरिवार यहां पहुंचकर अपने बगीचों एवं बालकनियों को सजाने के लिए देर शाम तक अपनी पसंदीदा वस्तुएं खरीदी।

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