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विविध

दशहरा मैदान ‘अवध लोक’ में 151 फीट ऊंची

रामलला के मंदिर में हुई राम दरबार की स्थापना

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दशहरा मैदान स्थित ‘अवध लोक’ गूंज

उठा मंत्रों एवं श्लोकों की मंगल ध्वनि से

इंदौर। दशहरा मैदान स्थित अवध लोक पर हिन्दू नववर्ष एवं श्रीराम जन्मोत्सव का शुभारंभ बुधवार सुबह श्रीराम जानकी सर्व विजय महायज्ञ के शुभारंभ, अयोध्या में बन रहे रामलला के मंदिर की प्रतिकृति में राम दरबार की स्थापना एवं 151 फीट ऊंची गुड़ी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। विश्व हिन्दू परिषद के प्रांतीय संगठन मंत्री नंददास दंडोतिया, दत्त माउली संस्थान के अधिष्ठाता अण्णा महाराज, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व विधायक जीतू जिराती, एकलव्यसिंह गौड़, ईश्वरदास हिन्दुजा सहित विहिप एवं संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर इन सभी अनुष्ठानों का शुभारंभ किया। सुबह से दोपहर तक समूचा ‘ अवध लोक ’ मंत्रों, श्लोको, चौपाइयों और आरतियों की मंगल ध्वनि से गूंजायमाना बना रहा।

         सबके राम लोक कल्याण समिति के संयोजक महेन्द्रसिंह चौहान एवं प्रवीणा अग्निहोत्री ने बताया कि श्री राम जानकी सर्व विजय महायज्ञ में 500 यजमान युगल भाग ले रहे हैं। मालवांचल के 151 विद्वान यह अनुष्ठान प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे तक यज्ञाचार्य पं. माधव रामानुज शास्त्री के आचार्यत्व में संपन्न कराएंगे। यज्ञशाला में 108 कुंडों पर दूर-दूर से आए यजमान भाग ले रहे हैं। आज सुबह अंतरिक्ष अग्नि अर्थात सूर्य के तेज से अग्नि प्रज्ज्वलन कर प्रधान कुंड पर अग्नि स्थापन की विधि संपन्न हुई। इसके बाद सभी अतिथियों ने रामलला के मंदिर की प्रतिकृति में वैदिक मंत्रोच्चार एवं अक्षत वर्षा के बीच राम दरबार की स्थापना संपन्न की। वर्ष प्रतिपदा के उपलक्ष्य में ‘ अवध लोक ’ में 151 फीट ऊंची गुड़ी की स्थापना की गई थी, जिसका पूजन सभी अतिथियों ने अभिजीत मूहूर्त में किया। 151 फीट ऊंची इस गुड़ी को रेशमी वस्त्रों से श्रृंगारित किया गया था। जैसे ही अनुष्ठान की सभी रस्में संपन्न हुई, समूचा परिसर जय-जय सियाराम, रामलला के जयघोष एवं यज्ञ नारायण की जय के उदघोष से गूंज उठा। इसके पूर्व सुबह यज्ञ के शुभारंभ पर भी यज्ञशाला से मंत्रो और श्लोकों की मंगल ध्वनि गूंजने लगी थी। यशाला के बाहर गौ सेवा के लिए गौमाता की व्यवस्था भी यहां की गई है। दोपहर से ही यहां मेले की शुरुआत भी हो गई। यहां जितने स्टाल लगाए गए हैं, उन पर धार्मिक साहित्य, पूजन सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और अन्य सात्विक सामग्री विक्रय हेतु उपलब्ध रहेगी। एक अलग झोन खाने-पीने की वस्तुओं का भी लगाया गया है, जहां बच्चों के मनोरंजन के लिए चकरी, झूले एवं चाट चौपाटी के साथ ही आईस्क्रीम, कुल्फी, शीतलपेय आदि  की व्यवस्था की गई है। देश के विभिन्न राज्यों के लोकप्रिय व्यंजन भी यहां आने वाले लोगों को मिल सकेंगे।  संध्या को यहां पहले दिन ही पांच से हजार हजार लोगों ने इस मेले का सपरिवार आनंद लिया।

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